ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार भी अब बिहार (Bihar) के रास्ते पर चलने की तैयारी कर रही है। छत्तीसगढ़ की एक टीम इन दिनों बिहार में है, यह टीम बिहार में शराबबंदी कानून का अध्ययन कर रही है। जिसके बाद यह अटकलें हैं कि छत्तीसगढ़ में भी शराबबंदी कानून लागू हो सकती है।
नीतीश कुमार से मुलाकात
छत्तीसगढ़ के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।सात-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री ने उन परिस्थितियों को याद किया, जिसके कारण उन्होंने अप्रैल 2016 में शराब की बिक्री और खपत पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का वादा किया था।
नीतीश ने याद किए पुराने दिन
नीतीश कुमार ने जोर देकर कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उन दिनों से शराब के सेवन के खिलाफ थे, जब वो 1970 के दशक की शुरुआत में इंजीनियरिंग के छात्र थे।
उन्होंने यह भी बताया कि शराबबंदी पहली बार बिहार में तब लागू की गई थी, जब जनता पार्टी ने उनके गुरु कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व में सरकार बनाई थी, हालांकि बाद में इसे खत्म कर दिया गया था।
नीतीश के फैसले की सराहना
छत्तीसगढ़ से आई टीम ने इस दौरान नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने यह साहसिक कदम उठाने की इच्छाशक्ति दिखाने के लिए सराहना के पात्र हैं। टीम ने अध्ययन के दौरान पाया कि बिहार की महिलाएं शराबबंदी की बहुत सराहना करती हैं।
टीम में कौन-कौन
इस टीम को दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व मंत्री सत्य नारायण शर्मा नेतृत्व रह रहे हैं। इस टीम में द्वारिकाधीश यादव, रश्मी आशीष सिंह, शिशुपाल सोरी, कुंवर सिंह निषाद, दलेश्वर साहू और पुरुषोत्तम कंवर शामिल हैं।
