UP Hot Seat Noida: कवि और राजनेता, दोनों की अपनी अलग पहचान होती है। एक अपने शब्दों से दो दूसरा शब्दों और कार्यों से जाना जाता है, लेकिन जब किसी एक शख्सियत के भीतर दोनों ही खूबियां मौजूद हों तो फिर उसकी छाप अमिट होती है। हालांकि, अभी हम जिनकी बात कर रहे हैं, उनका नाम कविताओं और उनके बेबाक अंदाज के चलते सुर्खियों में छाया हुआ है। इसके अतिरिक्त उनकी एक पहचान, उनके रखूखदार परिवार के चलते भी है। उनके पिता सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद हैं और अक्सर सुर्खियों में छाए रहते हैं। जबकि उनके एक भाई कैसरगंज से भाजपा सांसद और दूसरे गोंडा से विधायक हैं।
आपको अंदाजा तो हो ही गया होगा कि हम आखिर किसकी बात कर रहे हैं। और अगर आप अभी भी नहीं समझ पाए तो बता दें कि बात 'कवयित्री हृदय' की हो रही है, जिन्हें हम शालिनी सिंह के नाम से जानते हैं, जो पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी हैं और ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि वह दिल्ली से सटे नोएडा से चुनाव लड़ सकती हैं। वही नोएडा, जहां से साल 2017 में मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी और 2022 में अपनी विधायकी को बरकरार रखा, लेकिन अब ऐसी संभावनाएं जताई जा रही हैं कि राजनाथ सिंह के बेटे पंकज को बृजभूषण शरण सिंह की बेटी चुनौती दे सकती हैं।
क्या चुनाव लड़ेंगी कवयित्री?
पंकज सिंह की सीट से शालिनी सिंह ने राजनीति में एंट्री लेने का मन बना रही हैं और यही पर पेंच फंस सकता है। पंकज सिंह भाजपा विधायक हैं और शालिनी सिंह का पूरा परिवार भाजपा का सदस्य है। हाल ही में शालिनी सिंह ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताया और कहा कि उन्होंने राजनीति की ओर कोई कदम नहीं बढ़ाया, बल्कि राजनीति उनके परिवार में है और ये मेरा दोष नहीं है।
नोएडा से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर परोक्ष जवाब देते हुए शालिनी सिंह ने कहा, ''आज जो चर्चाएं हो रही हैं, वह उन्होंने शुरू नहीं कीं। नेतृत्व कौन करेगा? यह जनता तय करेगी। चुनाव लड़ना या नहीं लड़ना... यह नियति और कर्म निर्धारित करेंगे। कुछ चुनिंदा लोग हैं, जो काम करने आए हैं, उन्हें काम करने दीजिए। मनोबल मत तोड़िए।'' उन्होंने बातों-बातों में एक बात स्पष्ट कर दी कि वह टिकट नहीं मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि हम टिकट नहीं मांग रहे हैं। मांगने वालों में हम नहीं हैं। सिर्फ काम करना चाहते हैं।

भाजपा के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी
राजनीति अनिश्चिताओं का खेल है और प्रिडिक्शन करना इसमें फेल है... यहां जो कुछ दिखता है या दिखाया जाता है, वैसा हो जरूरी नहीं। शालिनी सिंह के पिता बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। उनके भाई भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में शालिनी सिंह का राजनीति में रुचि लेना इस विरासत को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में अगर शालिनी सिंह ने खुद को पार्टी के भीतर एक मजबूत दावेदार के तौर पर पेश किया तो भाजपा किसे अपना उम्मीदवार चुनती है? यह देखना दिलचस्प होगा।
कौन हैं पंकज सिंह?
नोएडा से मौजूद विधायक पंकज सिंह को भी विरासत में राजनीति मिली, जब उन्हें 2007 में वाराणसी की चिरईगांव विधानसभा सीट से भाजपा ने उम्मीदवार घोषित किया तो पिता राजनाथ की सलाह पर उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया। उस वक्त पिता राजनाथ ने पंकज को समझाया था कि चुनावी राजनीति में आने से पहले जमीन पर कुछ और साल पार्टी के लिए काम करो और उन्होंने पिता की इस बात को धारण कर लिया और खुद का कद बढ़ाने में जुट गए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह
साल 2004 में भाजयुमो की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बनने से लेकर 2017 में नोएडा विधायक चुने जाने तक पंकज सिंह ने विभिन्न पदों पर काम किया, जिनमें उत्तर प्रदेश भाजपा सचिव, महासचिव और प्रदेश इकाई में उपाध्यक्ष का पद शामिल है। पंकज सिंह की पत्नी का नाम सुषमा सिंह है और सिंह दंपत्ति के दो बच्चे हैं। पत्नी सुषमा एक अंतरराष्ट्रीय शूटर व कोच भी हैं।
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