Noida Workers Protest (नॉएडा प्रोटेस्ट न्यूज़): नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले तीन-चार दिनों से सुलग रहा मजदूरों का गुस्सा आखिरकार सोमवार सुबह फूट पड़ा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और जमकर आगजनी तोड़फोड़ की। कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण सेक्टर-62, फेज-2 और NH-9 समेत नोएडा के कई प्रमुख हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए और सड़कों पर लंगा जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कों को जाम किया, बल्कि कई जगह वाहनों के आगे लेटकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। कंपनी के बाहर भी कर्मचारियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। इन्होंने पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाया और कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और कुछ को आग के हवाले कर दिया।
नॉएडा प्रोटेस्ट: मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हुआ
नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की और पत्थरबाजी की। बड़ी संख्या में मजदूर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर एकत्र हुए थे। एक झड़प के बाद स्थिति बेकाबू हो गई, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। पत्थरबाजी से हालात और बिगड़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने पहले ही शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की थी।
नॉएडा प्रोटेस्ट- ट्रैफिक पर असर
प्रभावित इलाके:-
- चिल्ला बॉर्डर
- सेक्टर 62
- सेक्टर 60–63 क्षेत्र
प्रदर्शन सेक्टर 62 से शुरू होकर कई औद्योगिक इलाकों में फैल गया।
प्रभावित क्षेत्र:
- होजरी कॉम्प्लेक्स
- फेज 1 और फेज 2 इंडस्ट्रियल एरिया
- आसपास के फैक्ट्री क्षेत्र
प्रशासन ने पहले ही कुछ सुविधाएं घोषित की थीं:
- साप्ताहिक अवकाश
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- वार्षिक बोनस
- मेडिकल सुविधा और सुरक्षा उपाय
- शिकायत निवारण प्रणाली
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
नोएडा में प्रदर्शन कर रहे इन कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम वेतन का नया ढांचा लागू किया जाए। उनकी मांगों के अनुसार अकुशल श्रमिकों को 15,220 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों को 16,781 रुपये, कुशल श्रमिकों को 18,501 रुपये और उच्च कुशल श्रमिकों को 19,426 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। मजदूरों का कहना है कि इससे उन्हें सही मेहनतना मिलेगा और जीवन स्तर में सुधार होगा।
आज हुए हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके साथ लगातार नाइंसफी हो रही है। कंपनी 8 घंटे के लिए कम से कम 20 हजार रुपये वेतन दे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि महिलाओं के साथ पुलिस बदसलूकी कर रही है। उन्हें भी डंडे व चेन से पीटा जा रहा है। मेरे 12 साथी थाने में बंद कर दिए गए हैं।
सेक्टर-62 से NH-9 तक महाजाम
इस विरोध प्रदर्शन के चलते सेक्टर-62 और सेक्टर-60 में तब स्थिति बेकाबू हो गई जब कर्मचारी मुख्य सड़कों पर जमा हो गए। आक्रोशित कर्मचारियों ने डिवाइडर पर चढ़कर प्रदर्शन किया और रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके चलते लालकुआं से इलेक्ट्रॉनिक सिटी और सेक्टर-62 से NH-9 की ओर जाने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई। जो लोग सुबह अपने काम पर निकले थे, वे घंटों जाम में फंसे रहे। पुलिस बल मौके पर तैनात है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या के आगे यातायात व्यवस्था को संभालना चुनौती बना रहा।
श्रमिकों के मुद्दे पर CM योगी ने दिए निर्देश
CM योगी आदित्यनाथ ने रविवार रात श्रमिकों के मुद्दों को लेकर बैठक की थी और श्रमिकों के हितों पर जोर देते हुए कहा कि हर कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को श्रम कानूनों का पालन करने और कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए। सीएम ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को अगले 24 घंटे के भीतर उद्योग संगठनों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करने का आदेश दिया। श्रम विभाग को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सतत संवाद बनाए रखने के लिए कहा गया। साथ ही, श्रमिकों के नाम पर माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने पर बल दिया गया। सीएम ने चेतावनी दी कि देश में मृतप्राय नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश से सावधान रहें और भड़काऊ गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें।
