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21 साल बाद फिर दिल्ली की सियासत में लौटे ‘सुशासन बाबू’, जानें कैसा रहा Nitish Kumar का राजनीतिक सफर

Nitish Kumar as Rajya Sabha Member: नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति को अलविदा कहकर अब राष्ट्रीय स्तर पर नई पारी शुरू की है। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेते हुए संकेत दिया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई टीम को जिम्मेदारी सौंपेंगे। 75 वर्षीय नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। 1989 से 2004 तक वे लगातार लोकसभा सांसद रहे और केंद्र सरकार में कृषि राज्य मंत्री से लेकर रेल मंत्री और कृषि मंत्री जैसे अहम पदों पर रहे।

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नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। AI IMAGE

Nitish Kumar as Rajya Sabha Member: 'मैंने बिहार में बहुत काम किया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहां (दिल्ली) में रहना चाहिए। राज्यसभा में सांसद बन गया हूं। तीन-चार दिनों में इस्तीफा दे दूंगा और नए लोगों को मुख्यमंत्री व मंत्री बनाया जाएगा।' गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए नीतीश कुमार ने ये बात कही।

शुक्रवार को 'सुशासन बाबू' ने बिहार की सियासत को आधिकारिक तौर पर अलविदा कहते हुए राज्यसभा के सदस्य की शपथ ले ली। 75 वर्षीय नीतीश कुमार की यह एक नई पारी है। उन्हें लोकसभा सदस्य का तो पुराना अनुभव है, लेकिन वो कभी भी उच्च संसद के सदस्य नहीं बने हैं।

10 बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार की राजनीति का इतिहास काफी लंबा सफर तय करने वाला रहा है, बिहार विधानसभा से लेकर देश के रेल और कृषि मंत्रालय तक। नीतीश कुमार का राजनीतिक ग्राफ जमीन से जुड़ावव और प्रशासनिक पकड का बेजोड़ उदाहरण रहा है।

नीतीश कुमार देश के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं, जो बिहार विधानमंडल के दोनों सदन का सदस्य के साथ-साथ अब संसद के दोनों सदन का सदस्य भी बन गए।

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नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य की शपथ ली।

'मुन्ना' से सुशासन बाबू का सफर

बिहार की राजनीति में 'सोशल इंजीनियरिंग' के शिल्पकार और 'सुशासन बाबू' के नाम से विख्यात नीतीश कुमार एक ऐसे राजनेता हैं, जिनकी चाल को समझना विरोधियों के लिए हमेशा एक चुनौती रहा है।

1 मार्च 1951 को बिहार के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे नीतीश कुमार की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा सादगी के बीच हुई। उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनसे उन्हें राष्ट्रवाद और जनसेवा के संस्कार मिले। पटना इंजीनियरिंग कॉलेज (अब NIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले नीतीश को प्यार से 'मुन्ना' कहा जाता था। उन्होंने 1973 में मंजू कुमारी सिन्हा से विवाह किया और उनका एक पुत्र है, जो तकनीकी शिक्षा में स्नातक है।

दिग्गजों के सानिध्य में सीखी राजनीति

नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्होंने भारतीय राजनीति के दिग्गजों के सानिध्य में राजनीति सीखी। जयप्रकाश नारायण (JP) के छात्र आंदोलन से उपजे नीतीश ने राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे कद्दावर नेताओं के मार्गदर्शन में राजनीति के दांव-पेंच सीखे।

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नीतीश कुमार की पुरानी फाइल फोटो में से एक।

अब जब बिहार के सियासत 'चाणक्य' कहे जाने वाले केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने जा रहैं हैं, तो आइए एक बार उनकी सियासी इतिहास का भी जिक्र कर लें।

संसदीय राजनीति

1989 से 2004 तक वो लोकसभा सदस्य रहे। बिहार का बाढ़ संसदीय क्षेत्र उनकी राजनीतिक ताकत का केंद्र बना था। बात करें बतौर केंद्रीय मंत्री की तो वी.पी. सिंह की सरकार में कृषि राज्य मंत्री से शुरू हुआ सफर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रेल मंत्री और कृषि मंत्री जैसे कद्दावर पदों तक पहुंचा।

समता पार्टी से जेडीयू तक

साल 1994 में जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर उन्होंने समता पार्टी का गठन किया था, जिसने आगे चलकर बिहार में लालू प्रसाद यादव के वर्चस्व को चुनौती दी।

मुख्यमंत्री की कुर्सी

नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने की कहानी काफी दिलचस्प रही है:

7 दिनों का पहला कार्यकाल

साल 2000 में उन्होंने पहली बार सीएम पद की शपथ ली, लेकिन बहुमत के अभाव में महज एक हफ्ते में इस्तीफा देपड़ा।

2005 का ऐतिहासिक बदलाव

अक्टूबर 2005 के बिहार विधानसभ चुनाव में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला। उस समय लोकसभा सांसद रहे नीतीश कुमार ने 24 नवंबर 2005 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और दिल्ली की राजनीति छोड़कर बिहार की कमान संभाली। इसके बाद नीतीश कुमार ने साल 2005 से लेकर 2026 तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहे।

एक युग का अंत और नई शुरुआत

मुख्यमंत्री के रूप में 21 साल बिताने के बाद नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य बन चुके हैं। हालांकि, नीतीश कुमार ने खुद स्वीकार किया कि उनकी लंबे समय से राज्यसभा जाने की इच्छा थी।

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Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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