बिहार के सीएम नीतीश कुमार इस समय विपक्षी एकता की कोशिशों में लगे हैं। नवीन पटनायक, हेमंत सोरेन के बाद गुरुवार को नीतीश कुमार अपने सहयोगियों के साथ मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने यह भी साफ कर दिया कि अगर 2024 में विपक्ष का चेहरा शरद पवार बनते हैं तो उन्हें खुशी होगी।
क्या कहा नीतीश ने
शरद पवार के साथ मुलाकत के बाद दोनों ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस भी किया। इस प्रेस के दौरान जब नीतीश कुमार से पूछा गया कि क्या ये माना जाए कि जो विपक्ष का गठबंधन होगा उसके शरद पवार मुख्य चेहरा होंगे और साथ में वो उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। इस सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि इससे ज्यादा खुशी की बात हो ही नहीं सकती। नीतीश के जवाब पर शरद पवार हंसने लगे। नीतीश ने कहा- "इससे ज्यादा खुशी की बात ही नहीं है, हम आज इनको कह दिए, ये रिजाइन कर दिए थे, हम सबको खराब लगा था। फिर वापस आके आज हमने इनको कहा कि एक दम पूरी मजबूती से आपको अपनी पार्टी के लिए करना है, पूरे देश के लिए काम करना है।"
नीतीश,ममता और राहुल का पत्ता साफ?
नीतीश कुमार ने जो जवाब आज दिया है, उससे विपक्ष के कई बड़े नेताओं को झटका लग सकता है। इस सवाल का जवाब देकर जहां नीतीश अपने आप को पीएम पद की रेस से बाहर कर दिए, वहीं पीएम बनने का सपना देख रही बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का भी पत्ता साफ हो गया है। साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी विपक्ष के फेस नहीं होंगे, नीतीश ने ये भी साफ कर दिया है। बशर्ते शरद पवार विपक्ष का चेहरा बनने के लिए तैयार हो जाएं।
शरद पवार ने क्या कहा
वहीं शरद पवार ने इस प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि कल कर्नाटक चुनाव हुआ, मेरी जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के लोग बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे। हमें साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा- "मुझे खुशी है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले को अपने हाथ में लिया और हम दोनों ने इस देश के लिए हाथ मिलाने के लिए अन्य सदस्यों के साथ बातचीत की। मुझे याद है नीतीश कुमार, राहुल गांधी, खड़गे जी और मैंने बैठकर कुछ मुद्दों पर बात की थी और अब हम यहां हैं।लोकतंत्र को बचाने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है। देश के हालात देखने के बाद लगता है कि मिलजुल कर काम करेंगे तो विपक्ष को समर्थन मिलेगा।"
