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Pune Bus Rape: 'निर्भया मामले ने बदलाव लाए, लेकिन...', पुणे बस रेप पर पूर्व CJI चंद्रचूड़-Video

Pune Bus Stand Rape: महाराष्ट्र के पुणे के स्वारगेट डिपो में एक बस के अंदर एक महिला के साथ कथित बलात्कार की जांच के साथ-साथ, फरार आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग बढ़ रही है, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने भी इसी तरह की मांग उठाई है।

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भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़

KEY HIGHLIGHTS

  1. पुणे के स्वारगेट डिपो में एक बस के अंदर एक महिला के साथ कथित बलात्कार की जांच
  2. के साथ-साथ, फरार आरोपियों के लिए सख्त सजा की मांग बढ़ रही है
  3. भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने भी इसी तरह की मांग उठाई है

Pune Bus Stand Rape News: विपक्ष की ओर से बढ़ते दबाव के बीच, जिसने इस घटना की तुलना 2012 के दिल्ली निर्भया सामूहिक बलात्कार से की है, मामले को सुलझाने के लिए पुरज़ोर कोशिशें चल रही हैं। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर आरोपी दत्तात्रेय रामदास गाडे को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई हैं, जो मंगलवार की सुबह महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बस में हुई घटना के बाद से फरार है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के हवाले से बताया कि उसके ठिकाने के बारे में जानकारी देने वाले को ₹1 लाख का इनाम दिया जाएगा।

2012 के निर्भया कांड को याद किया

पुणे बस दुष्कर्म मामले पर हंगामे के बीच भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने बृहस्पतिवार को 2012 के निर्भया कांड को याद किया और कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को केवल कानून बनाने से नहीं बल्कि उनके उचित कार्यान्वयन से रोका जा सकता है।चंद्रचूड़ एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में पुणे के स्वारगेट इलाके में महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में एक महिला के साथ हुए बलात्कार की घटना के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय रामदास गाडे ने कथित तौर पर महिला संग दुष्कर्म किया

मंगलवार की सुबह राज्य परिवहन की बस के अंदर 26 वर्षीय महिला के साथ 37 साल के हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय रामदास गाडे ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। गाडे को पकड़ने के लिए पुलिस ने 13 टीमें बनाई हैं।पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए महिलाओं के लिए बनाए गए कानूनों का उचित क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में निर्भया कांड के बाद कानूनों में काफी बदलाव किए गए।

...जिसे बाद में 'निर्भया' कहा जाने लगा

दिल्ली में 2012 में फिजियोथैरेपी की 23 वर्षीय छात्रा, जिसे बाद में 'निर्भया' कहा जाने लगा, के साथ दिल्ली में एक बस में सामूहिक बलात्कार किया गया। बाद में उसने अपने घावों के कारण उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। यह मामला राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था।चंद्रचूड़ ने कहा, 'हम केवल कानून बनाकर ऐसी घटनाओं को नहीं रोक सकते। कानून के अलावा, समाज के कंधों पर भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और महिलाओं के लिए बने कानूनों का उचित क्रियान्वयन भी जरूरी है। बड़ी संख्या में महिलाएं काम आदि के लिए जाती हैं। इसलिए उनके लिए बनाए गए कानूनों का उचित क्रियान्वयन किया जाना चाहिए, ताकि वे सुरक्षित महसूस करें।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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