देश

जेल में बंद कश्मीरी नेता राशिद इंजीनियर को बड़ी राहत, NIA ने सांसद के तौर पर शपथ लेने के लिए दी सहमति

एनआईए ने कश्मीरी नेता व निर्दलीय सांसद राशिद इंजीनियर को 5 जुलाई को संसद में शपथ लेने की अनुमति देने पर अपनी सहमति दे दी है। इस पर अदालत का फैसला कल आएगा।

Image

इंजीनियर राशिद

Photo : ANI

Rashid Engineer: एनआईए ने कश्मीरी नेता व निर्दलीय सांसद राशिद इंजीनियर को 5 जुलाई को संसद में शपथ लेने की अनुमति देने पर अपनी सहमति दे दी है। एनआईए वकील ने दिल्ली की अदालत में कहा कि जेल में बंद कश्मीरी नेता राशिद को मीडिया से बात न करने जैसी पाबंदियों के साथ सांसद के तौर पर शपथ लेने की अनुमति देनी चाहिए। एनआईए ने कहा कि सहमति कुछ शर्तों पर निर्भर है, जिसमें मीडिया से बातचीत न करना भी शामिल है। पटियाला हाउस कोर्ट कल 2 जुलाई को आदेश पारित करेगा। राशिद इंजीनियर ने सांसद के रूप में शपथ लेने के लिए अंतरिम जमानत या हिरासत पैरोल की मांग की है।

उमर अब्दुल्ला को हराया

उत्तरी कश्मीर की राजनीति में राशिद इंजीनियर चर्चित नाम है और इस लोकसभा चुनाव में उन्होंउ जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया था। वह दो बार एमएलए भी रह चुके हैं। पिछले पांच साल से वह यूएपीए के तहत तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं। राशिद अवामी इत्तेहाद पार्टी से जुड़े थे, लेकिन लोकसबा चुनाव 2024 में उन्होंने जेल से ही निर्दलीय चुनाव लड़ा। साल 2019 के आम चुनाव में भी वह निर्दलीय उम्मीदवार थे, लेकिन तब नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुहम्मद अकबर लोन से हार गए थे।

टेरर फंडिंग में एनआईए ने किया गिरफ्तार

साल 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टैरर फंडिंग के आरोप में राशिद इंजीनियर को गिरफ्तार किया था। उनपर आतंकी गतिविधियों का आरोप लगा था। तिहाड़ जेल से ही राशिद ने चुनाव लड़ा और इस दौरान उनके दो बेटों अबरार राशिद और असरार राशिद ने लगातार चुनाव प्रचार किया और लोगों के बीच पहुंचे। इसका फायदा राशिद को मिला और उन्होंने सभी को चौंकाते हुए उमर को पटखनी दे डाली।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article