Nepal Flash Flood: नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने त्रिशूली-I (Trishuli-I) परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित रेस्क्यू की पुष्टि करते हुए उनके नाम सार्वजनिक कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह सूची साझा की है। नेपाल में मूसलाधार बारिश और ग्लेशियर टूटने से आई इस अचानक बाढ़ में अब तक 350 लोगों से अधिक की मौत हो चुकी है, जबकि 900 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।
84 भारतीयों का रेस्क्यू, 290 से संपर्क साधने की कोशिशें जारी
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी रात 8 बजे के अपडेट के अनुसार, त्रिशूली-I प्रोजेक्ट में काम कर रहे 63 भारतीय कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। तमिलनाडु से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 21 श्रद्धालुओं को भी सकुशल बचा लिया गया है। अब तक कुल 84 भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है। प्रभावित इलाकों में लगभग 290 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनकी तलाश और सुरक्षा के लिए विदेश मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है। नेपाल के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने विदेशी नागरिकों की खोजबीन, सूचना सत्यापन और कांसुलर सहायता के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किया है।
नेपाल में 359 शव बरामद, 910 लापता
नेपाल के 'राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण' (NDRRMA) के अनुसार, रसुवा जिले से शुरू हुई इस भीषण बाढ़ का सबसे ज्यादा असर चितवन, नवलपरासी पूर्व, गोरखा, धादिंग और नुवाकोट जिलों पर पड़ा है। लापता 910 लोगों में 28 नेपाल पुलिस, 44 नेपाल सेना, 13 सशस्त्र पुलिस बल और सीमा शुल्क व आव्रजन कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। लगभग 517 विदेशी नागरिक और विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक लापता सूची में शामिल हैं।
आपदा प्रभावित नुवाकोट का दौरा करने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि देश की पूरी राज्य मशीनरी 'पूर्ण क्षमता' से काम कर रही है। खोज और बचाव अभियान के लिए सेना और पुलिस के 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और हेलीकॉप्टरों के जरिए 573 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है।
भारत से 47.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री रवाना
पड़ोसी देश में आए इस मानवीय संकट के बीच भारत ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारत की ओर से मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री की दूसरी किश्त नेपाल भेजी गई है। भारतीय वायुसेना के दो विमानों के जरिए अब तक कुल 47.5 टन आपातकालीन दवाएं, खाद्य पैकेट और आवश्यक राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है।
