NEET Paper Leak Case: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोला है। प्रमोद तिवारी ने देश की शिक्षा प्रणाली में बार-बार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं पर गहरा रोष जताते हुए सीधे तौर पर राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही तय करने की मांग की है।
शिक्षा मंत्री की जवाबदेही और इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना कोई पहली बार की या अकेली घटना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ समय में पूरी शिक्षा प्रणाली के भीतर अलग-अलग स्तरों पर 80 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया, "क्या इस बदहाली और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ की जिम्मेदारी लेने वाला कोई है? राहुल गांधी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि देश के शिक्षा मंत्री को इस मामले में नैतिक आधार पर तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
करोड़ों लोगों के साथ हुआ विश्वासघात
पेपर लीक के व्यापक असर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इस परीक्षा से सीधे तौर पर 23 लाख (2.3 मिलियन) से अधिक छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ था। अगर एक छात्र के साथ उसके परिवार के औसतन 4-5 सदस्यों को भी जोड़ लिया जाए, तो इस धांधली का सीधा असर देश के 1 करोड़ से अधिक लोगों पर पड़ा है। प्रमोद तिवारी ने कड़े शब्दों में कहा कि देश के करोड़ों लोगों के साथ हुआ यह विश्वासघात और धोखा बेहद गंभीर है, जिसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
'अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को कब मिलेगा न्याय?'
प्रमोद तिवारी ने सरकार को घेरते हुए कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि क्या शिक्षा मंत्री अब भी अपने पद पर बने रहेंगे? क्या उनकी कोई जवाबदेही तय नहीं होगी? इतने बड़े पैमाने पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ होने के बावजूद क्या वे बिना किसी जवाबदेही के मुक्त रहेंगे और इस्तीफा नहीं देंगे? कांग्रेस नेता ने साफ किया कि जब तक इस महाघोटाले की नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होती और शीर्ष स्तर पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक छात्रों और उनके परिवारों के साथ न्याय नहीं हो सकता।
