दिल्ली की एक अदालत ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पुणे की भौतिकी प्रोफेसर मनीषा संजय हवलदार को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सोमवार को सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दी, जिसमें आरोपी से हिरासत में पूछताछ की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि मनीषा हवलदार नीट-यूजी परीक्षा में अनुवादक के तौर पर काम कर रही थीं। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने भौतिकी के प्रश्नों का अनुवाद करते समय कथित तौर पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र की जानकारी साझा की।
22 मई को पुणे से हुई थी गिरफ्तार
सीबीआई ने हवलदार को 22 मई को पुणे से गिरफ्तार किया था और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि पुणे के सेठ हीरालाल सर्राफ प्रशाला में कार्यरत हवलदार को नीट-यूजी 2026 के फिजिक्स पेपर लीक का प्रमुख स्रोत माना जा रहा है।
अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी
इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में नासिक से शुभम खैरनार, जयपुर से मांगीलाल खटीक, विकास और दिनेश बिवाल, गुरुग्राम से यश यादव और महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे शामिल हैं।
मामले के कथित सरगना प्रहलाद विट्ठलराव कुलकर्णी और मनीषा संजय वाघमारे को पहले ही 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं, एनटीए की परीक्षा-निर्धारण समिति की सदस्य और जीव विज्ञान की प्रोफेसर मनीषा मंधारे को भी गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें 14 दिन की सीबीआई हिरासत मिली है।
इसके अलावा लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। अब पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
