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NEET मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने किया सरकार का बचाव, विपक्ष पर छवि खराब करने का लगाया आरोप

NEET Exam Row: एच डी देवेगौड़ा ने NEET-UG से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का बचाव करते हुए कहा कि जब तक इस मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी पर जिम्मेदारी थोपी नहीं जा सकती। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जांच पूरी नहीं हुई है और दो-तीन राज्यों में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मैं कसी का पक्ष नहीं ले रहा। जहां तक नीट परीक्षा की बात है तो जो हुआ है वह गलत हुआ है।

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कांग्रेस पर बिफरे देवेगौड़ा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

NEET Exam Row: पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (NEET-UG) से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का बचाव करते हुए शुक्रवार को कहा कि जब तक इस मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी पर जिम्मेदारी थोपी नहीं जा सकती। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी जनता दल (सेक्यूलर) के वरिष्ठ नेता ने राज्यसभा में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) से जुड़ी कथित अनियमितताओं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की नाकामी और पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर तत्काल चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों पर यह आरोप भी लगाया कि वे इस मामले में सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

लोकसभा की कार्यवाही 1 जुलाई तक के लिए स्थगित

इसी मुद्दे पर हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब आधे घंटे के भीतर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने एक बार फिर इस मुद्दे पर हंगामा आरंभ कर दिया। उस वक्त भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुधांशु त्रिवेदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग ले रहे थे। अब लोकसभा की कार्यवाही 1 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई है। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच देवगौड़ा ने कहा कि सभी वरिष्ठ नेता नीट के मुद्दे को सदन में उठाना चाहते हैं क्योंकि इससे लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही फैसला ले लिया है और इसकी जांच भी शुरु कर दी गई है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जांच पूरी नहीं हुई है और दो-तीन राज्यों में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। उन्होंने कहा कि मैं कसी का पक्ष नहीं ले रहा। जहां तक नीट परीक्षा की बात है तो जो हुआ है वह गलत हुआ है। लेकिन अभी आप जिम्मेदारी तय नहीं कर सकते हैं... सरकार ने सही फैसला लिया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, संबंधित मंत्री जिम्मेदारी नहीं ले सकते... और आप अनावश्यक रूप से सरकार की छवि को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। मैं सहमत नहीं हूं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होगी तो उस वक्त विपक्षी सदस्य इस मुद्दे को उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती किसी पर जिम्मेदारी नहीं थोपी जा सकती।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही

विपक्षी सदस्यों के आचरण पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में सरकार ने अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने कहा कि जांच हो रही है। रिपोर्ट आने तक मंत्री या सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकती। दोषियों की पहचान के बाद ही र्कारवाई हो सकती है। नीट में हुई अनियमितताओं के मुद्दे पर नियम 267 के तहत सभापति जगदीप धनखड़ को कुल 22 नोटिस मिले थे जिनमें नियत कामकाज स्थगित कर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की गई थी। अपनी मांग को लेकर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र की बैठक को संबोधित करते हुए बृहस्पतिवार को कहा है कि सरकार पेपर लीक की हालिया घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने यह भी कहा है कि सरकार परीक्षाओं से जुड़ी संस्थाओं, उनके कामकाज के तरीके में व्यापक सुधार की दिशा में काम कर रही है। धनखड़ ने कहा कि चूंकि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आज ही आरंभ होनी है, लिहाजा सदस्य इस मौके का लाभ उठाकर नीट से जुड़ी चिंताओं पर अपनी बात रख सकते हैं। यह कहते सभापति ने सभी नोटिस अस्वीकार कर दिए, जिसके बाद विपक्षी सदस्यों का हंगामा और शोरगुल और भी तेज हो गया।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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