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अजित पवार के बाद कौन? NCP में उत्तराधिकार की चर्चा के बीच पत्नी सुनेत्रा, बेटे पार्थ पर टिकीं सबकी नजरें

बारामती में एक प्लेन क्रैश में 28 जनवरी को अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन आ गया है और NCP में उनके तुरंत बाद आने वाले उत्तराधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी छोड़ गए हैं।

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NCP में उत्तराधिकार की चर्चा (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो अजीत पवार की बारामती में एक प्लेन क्रैश में अचानक मौत से न सिर्फ पूरा राज्य शोक में डूब गया है, बल्कि उनके परिवार, खासकर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बड़े बेटे पार्थ पवार पर भी सबकी नजरें टिक गई हैं। एक कद्दावर राजनीतिक हस्ती, पवार की मौत से राज्य के सबसे पुराने राजनीतिक परिवारों में से एक में राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है।

66 साल के अजीत पवार की मौत तब हुई जब वह जिस चार्टर्ड जेट में यात्रा कर रहे थे, वह बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश करते समय क्रैश हो गया। विमान में सवार पांच लोगों में से कोई भी जीवित नहीं बचा।

दोनों ने लोकसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई और हार गए

पार्टी और विचारधारा की सीमाओं से परे अजीत पवार को श्रद्धांजलि दी जा रही है, वहीं अब ध्यान तेजी से NCP के साथ-साथ पवार परिवार के अगले राजनीतिक अध्याय पर भी जा रहा है, खासकर उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा और उनके बड़े बेटे पार्थ पवार पर। हालांकि दोनों ने हाल के लोकसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई और हार गए, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी मौजूदगी पवार परिवार से जुड़ी भावनाओं के लिहाज़ से बहुत अहम होगी।

सुनेत्रा पवार ने बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा

राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को अब सत्ता की निरंतरता पर होने वाली चर्चाओं में एक अहम व्यक्ति माना जा रहा है।अपनी संसदीय भूमिका के अलावा वह बारामती टेक्सटाइल कंपनी की चेयरपर्सन हैं और एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की CEO भी। उन्होंने बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा, यह सीट लंबे समय से पवार परिवार से जुड़ी रही है, लेकिन वह हार गईं। फिर भी, परिवार और पार्टी में उनकी हैसियत, जो उनके विधायी अनुभव से और बढ़ी है।

अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन

अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन

आने वाले दिनों में एक और अहम चेहरा जिस पर नजर है, वह हैं पार्थ पवार, जो अजीत पवार के बड़े बेटे हैं। उन्होंने फ्रंटलाइन पॉलिटिक्स में ज़्यादा एक्टिव भूमिका नहीं निभाई है, लेकिन वह महाराष्ट्र के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवारों में से एक के मुख्य वंश से आते हैं।

पार्थ पवार अभी तक फ्रंटलाइन चुनावी नेता नहीं रहे हैं

अपने पिता की मौत से पहले, पार्थ ने 2025 में पुणे के मुंडवा इलाके में एक हाई-प्रोफाइल लैंड डील को लेकर मीडिया और राजनीतिक ध्यान खींचा था। पार्थ अभी तक फ्रंटलाइन चुनावी नेता नहीं रहे हैं, लेकिन इस दुखद घटना के बाद, ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उन्हें सीधे राजनीतिक भूमिकाओं में लाया जा सकता है ताकि परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया जा सके और बदलते समीकरणों के बीच पवार गुट के समर्थकों और सहयोगियों के लिए एक नई पीढ़ी का सहारा मिल सके।

अजित पवार की अचानक मौत से पैदा हुए खालीपन का असर

अजित पवार की अचानक मौत से पैदा हुए खालीपन का असर न सिर्फ पवार परिवार पर पड़ेगा, बल्कि राज्य में सत्ता के संतुलन पर भी पड़ेगा। अजित पवार वही नेता थे जिन्होंने 2023 में अपने चाचा शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के गुट से अलग होकर बीजेपी-शिव सेना गठबंधन का साथ दिया था।

इस बहस के केंद्र में सुनेत्रा और पार्थ पवार होंगे

ऐसे हालात में, सुनेत्रा का एक स्थिर बड़ी हस्ती के तौर पर उभरना और पार्थ का संभावित लंबे समय का उत्तराधिकारी बनना, अगर वह एक्टिव पॉलिटिक्स में आने का फैसला करते हैं, तो इसे नकारा नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में इस बात पर चर्चा तेज होने की संभावना है कि अजीत पवार के बाद की स्थिति को पारिवारिक विरासत, चुनावी रणनीति या संगठनात्मक नेतृत्व में से किसे आकार देना चाहिए, और इस बहस के केंद्र में सुनेत्रा और पार्थ पवार होंगे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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