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अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार- बोले किरेन रिजिजू, जानिए विपक्ष ने क्या कहा

Monsoon Session: मॉनसून सत्र के आखिरी हफ्ते सदन चलने की उम्मीद जगी है। विपक्ष की मांग को मानते हुए अमित शाह (Amit Shah) सदन में जवाब देने को तैयार हैं।

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लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटो- संसद टीवी)

Monsoon Session: विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच अब सरकार मॉनसून सत्र के आखिरी हफ्ते में झुकती दिख रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज बयान दिया है कि संदन में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) बोलने को तैयार है। यानि कि दिल्ली में हुए छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई पर विपक्ष की मांग को सरकार मानने जा रही है। विपक्ष दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पिछले कई दिनों से कर रहा है। इसी को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही चल नहीं पा रही है।

सदन में अमित शाह देंगे बयान

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्र आंदोलनों पर पूरी और विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "सरकार का प्रस्ताव बिल्कुल साफ है। मैंने कहा है कि सरकार छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़ी गतिविधियों पर पूरी और विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है। विपक्ष से मेरी बस यही साफ बात है कि जब चर्चा और जवाब हो रहा हो, तो उन्हें सदन का ध्यान भटकाने या माननीय गृह मंत्री का बयान रोकने के लिए कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए। उन्हें गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए। एक बार चर्चा शुरू हो जाए, तो हमें हर पहलू पर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए।"

'कांग्रेस-सपा में मतभेद'

"राहुल गांधी ने मांग की थी कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर संसद में बयान दें। हमने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि गृह मंत्री अमित शाह न सिर्फ बयान देंगे, बल्कि पूरी बहस और चर्चा का जवाब भी देंगे। हमने अपना प्रस्ताव रख दिया है। अब ऐसा लगता है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच कुछ मतभेद हैं—जिन्हें उन्हें आपस में सुलझाना होगा। अब यह समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निर्भर करता है कि वे अपने बीच के मतभेदों को दूर करें।"

कांग्रेस ने क्या कहा?

सरकार के यह कहने पर कि गृह मंत्री छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "मैंने उनका बयान नहीं देखा है, लेकिन मुझे जो जानकारी मिल रही है और हमने अपनी अलग-अलग बैठकों में जो चर्चा की है, वह मुख्य रूप से छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और बर्बरता पर गृह मंत्री के बयान के बारे में है। हमें इस बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है कि गृह मंत्री पुलिस की कार्रवाई या छात्रों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता पर बोलेंगे या नहीं; इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। सरकार ने इस बात पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है कि क्या वे अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन पर बहस करने के लिए तैयार हैं।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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