राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य शहरों में प्रदूषण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद अब एनसीपी ने उनपर पलटवार किया है।एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने रविवार को कहा कि वह ऐसे मुद्दे इसलिए उठाते हैं क्योंकि उनके लिए यह एक राजनीतिक आपातकाल है। आगे उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि जल्द ही संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, और विपक्ष के लिए अपनी बात रखने का यह बेहतरीन अवसर है। यहां से उनका संदेश देश और पूरी दुनिया तक पहुंच सकता है।
प्रफुल्ल पटेल ने और क्या कहा?
एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि प्रदूषण एक बड़ा मुद्दा है और इसके कई कारण हैं। सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है और मुंबई-दिल्ली जैसे शहरों में कुछ समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों के सहयोग की भी जरूरत है। राहुल गांधी ऐसे मुद्दे उठाते हैं क्योंकि उनके लिए राजनीतिक आपातकाल है। लोग उन्हें बार-बार खारिज कर रहे हैं, इसलिए वह इस तरह के निराधार बयान दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदूषण को लेकर क्या कहा था?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो दिन पहले अपनी एक शोसल मीडिया पोस्ट में राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को लेकर चिंता जाहिर की थी। इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली और केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर केंद्र से सवाल किया था कि भारत के बच्चे जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं और सरकार के पास इस स्थिति के निराकरण के लिए कोई तत्परता, योजना या जवाबदेही नहीं है।
पीएम से पूछा सवाल
राहुल ने लिखा कि मैं जिस भी मां से मिलता हूं, वह यही कहती है कि उसका बच्चा जहरीली हवा में सांस लेकर बड़ा हो रहा है। वे थके और डरे हुए हैं। उनमें इसके प्रति गुस्सा है। पीएम से सवाल करते हुए उन्होंने लिखा, 'मोदी जी, भारत के बच्चे हमारे सामने घुट रहे हैं। आप चुप कैसे रह सकते हैं? आपकी सरकार कोई तत्परता, कोई योजना या कोई जवाबदेही क्यों नहीं दिखाती?'
अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने संसद में वायु प्रदूषण पर तत्काल बहस और सख्त ऐक्शन प्लान की मांग भी की थी। उन्होंने लिखा कि इस स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए एक सख्त और तुरंत लागू करने योग्य कार्य योजना की आवश्यकता है। राहुल ने लिखा कि हमारे देश के बच्चे बहानेबाजी के नहीं बल्कि स्वच्छ हवा के हकदार हैं।
प्रदूषण पर छिड़ी बहस के बीच राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 269 दर्ज किया गया। यह शनिवार को शाम 4 बजे दर्ज 305 से बेहतर है।
