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एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने 2 को हिरासत में लिया

Firing on Baba Siddiqui: अजीत पवार गुट वाली एनसीपी के बड़े नेता बाबा सिद्धीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उन पर दो से तीन राउंड फायरिंग हुई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालात में मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने 2 को हिरासत में लिया

Firing on Baba Siddiqui: महाराष्ट्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। अजीत पवार गुट वाली एनसीपी के बड़े नेता बाबा सिद्धीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उन पर दो से तीन राउंड फायरिंग हुई है, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालात में मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। न्यूज एजेंसी ANI ने लीलावती हॉस्पिटल के हवाले से बताया कि इलाज के दौरान बाबा सिद्धीकी की मौत हो गई।

अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह सनसनीखेज हत्याकांड उस वक्त हुआ जब बाबा सिद्धीकी अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के बांद्रा ईस्ट स्थित ऑफिस गए हुए थे। इसी दौरान तीन लोगों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने दो से तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें दो गोली बाबा सिद्दीकी के पेट और एक सीने में लगी।

पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया

बताया जा रहा है कि घटना तकरीबन 9:15 बजे की है। घटना के बाद मुंबई पुलिस अलर्ट हो गई है और मौके पर आला अधिकारी भी पहुंचना शुरू हो गए हैं। पुलिस सूत्रों की ओर से बताया गया है कि घटना में अभी तक 2 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में तीन हमलावर शामिल थे। पुलिस ने हमले का मकसद जानने तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है।

क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच

मुंबई पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक, दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इसमें एक आरोपी हरियाणा का रहने वाला और दूसरा आरोपी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, वहीं तीसरे फरार आरोपी की तलाश जारी है। उधर, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बाबा सिद्दीकी की मौत पर दुख जताया है। उधर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी बाबा सिद्धीकी मामले में जांच में जुट गई है। दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट जो पहले भी मुम्बई के कई बड़े ऑपरेशन में मुम्बई पुलिस के साथ काम कर चुकी है, मामले की जांच कर रही है।

सपा ने बोला निशाना

बाबा सिद्धीकी की हत्या पर समाजवादी पार्टी ने कानून व्यवस्था पर हमला बोला है। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, महाराष्ट्र में पूर्व विधायक बाबा सिद्दीक़ी की गोली मारकर हत्या किया जाना महाराष्ट्र की लचर कानून व्यवस्था को दर्शाता है। इससे पहले सलमान खान के घर के सामने भी फायरिंग की गई थी। अपराधियों में कानून का कोई ख़ौफ़ नहीं है। ये हत्या एक बहुत बड़ी साज़िश प्रतीत होती है जिसकी उच्च स्तरीय जाँच की आवश्यकता है। अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

तीन बार विधायक रह चुके हैं बाबा सिद्धीकी

बता दें, बाबा सिद्धीकी मुंबई की बांद्रा वेस्ट विधानसभा सीट से लगातार तीन बार 1999, 2004 और 2009 में विधायक रह चुके हैं। हालांकि, 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 08 फरवरी 2024 को उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बाद में वे 12 फरवरी 2024 को अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए थे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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