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पुरी के विकास के लिए नवीन पटनायक ने अपने पिता की समाधि हटवा दी थी, सचिव ने किया खुलासा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 17, 2023, 05:54 PM IST

बीजू पटनायक के स्मारक का निर्माण 17 अप्रैल, 1997 को उनकी मृत्यु के बाद स्वर्गद्वार में स्थानीय नागरिक निकाय द्वारा किया गया था।

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पुरी के विकास की खातिर सीएम नवीन पटनायक का कदम

Photo : ANI

Naveen Patnaik: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की छवि एक विकास पुरुष की रही है। ओडिशा में विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ते और इसके लिए सबसे अलग रास्ता भी चुनते हैं। ऐसे ही एक मामले में उन्होंने अपने ही दिवंगत पिता की समाधि को भी हटाने का आदेश दिया था जो विकास कार्य में बाधा बन रहा था। मामला 2019 का है। इससे पता चलता है कि नवीन विकास कार्यों की खातिर किसी भी तरह का कदम उठा सकते हैं।

बीजू पटनायक की समाधि को हटाने का आदेश

एक वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 2019 में पुरी के स्वर्गद्वार में अपने पिता और पूर्व सीएम बीजू पटनायक की समाधि को हटाने का आदेश दिया था। ऐसा इसलिए ताकि श्मशान में अधिक जगह बनाई जा सके और तीर्थ नगरी में सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जा सके। 13 साल से अधिक समय से मुख्यमंत्री पटनायक जुड़े रहे और उनके निजी सचिव वीके पांडियन ने मंगलवार को दुबई में उड़िया समुदाय को संबोधित करते हुए यह बात कही।

अब स्वर्गद्वार में एक स्मारक के बजाय बीजू बाबू के नाम की एक पट्टिका है। बहुत से हिंदू स्वर्गद्वार में अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं क्योंकि उनका मानना है कि अगर वहां किसी का अंतिम संस्कार किया जाए तो मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। बीजू पटनायक के स्मारक का निर्माण 17 अप्रैल, 1997 को उनकी मृत्यु के बाद स्वर्गद्वार में स्थानीय नागरिक निकाय द्वारा किया गया था। 'समाधि' ने श्मशान का एक बड़ा क्षेत्र घेर लिया था। पांडियन ने कहा कि उन्होंने श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण की योजना मुख्यमंत्री को दिखाई थी।

आक्रोश से बचने के लिए सुबह हुई कार्रवाई

स्मारक के कारण भूखण्ड का एक कोना अवरूद्ध रह गया। यह देखकर मुख्यमंत्री ने उसे तोड़ने का फैसला लिया। पटनायक परिवार के अन्य सदस्यों ने भी यही राय साझा की। पांडियन ने कहा कि नवीन पटनायक ने कहा कि उनके पिता लोगों के दिल में रहते हैं, पत्थर में नहीं। पुरी का स्वर्गद्वार राज्य की पहली बदलाव वाली परियोजना थी। पांडियन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोगों के आक्रोश से बचने के लिए सुबह-सुबह स्मारक को गिराने का आदेश दिया था।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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