देश

PM Modi Tea Meeting: मोदी की चाय पार्टी में दिखे कौन से नए चेहरे? जानें मंत्रिपरिषद में किस-किसको मिल सकती है जगह

Ministers in PM Modi Tea Meeting : केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संभावित सदस्यों से नरेंद्र मोदी ने चाय पर मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, निर्मला सीतारमण और मनसुख मांडविया जैसे वरिष्ठ नेताओं की जगह नयी सरकार में पक्की मानी जा रही है।

Image

संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी।

Modi Cabinet List: प्रधानमंत्री पद के लिए नामित नरेन्द्र मोदी की नयी मंत्रिपरिषद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मनोहर लाल खट्टर, शिवराज सिंह चौहान, बी संजय कुमार और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नए चेहरों को जगह मिल सकती है। रविवार शाम भाजपा के वरिष्ठ नेता मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

किन नेताओं का मंत्री बनना माना जा रहा तय

सूत्रों ने बताया कि अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, निर्मला सीतारमण और मनसुख मांडविया जैसे वरिष्ठ नेताओं की जगह नयी सरकार में पक्की मानी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के प्रतापराव जाधव, भाजपा की गुजरात इकाई के अध्यक्ष सी आर पाटिल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, राव इंद्रजीत सिंह, नित्यानंद राय, भगीरथ चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को भी मंत्री बनाया जा सकता है।

Modi Mantri

मोदी संग चर्चा करते हुए संभावित मंत्री।

किस-किसने चाय पर मोदी से मुलाकात की

सूत्रों ने जिन उक्त नेताओं के नाम बताए, इनमें से सभी ने रविवार को चाय पर मोदी से मुलाकात की। साल 2014 से यह एक परंपरा सी बन गई है कि मोदी मंत्रिपरिषद के गठन से पहले नेताओं को चाय पर बुलाते हैं और फिर कमाबेश वही चेहरे मंत्री पद की शपथ लेते हैं। हालांकि, संभावित मंत्रियों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

रक्षा खडसे और जितिन प्रसाद बनेंगे मंत्री?

उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद जितिन प्रसाद और महाराष्ट्र से रक्षा खडसे के भी नयी सरकार का हिस्सा होने की संभावना है। खडसे ने मीडिया से पुष्टि की कि उन्हें सरकार का हिस्सा बनने के लिए फोन आया है। एक सूत्र ने बताया कि सीतारमण, सर्बानंद सोनोवाल और किरण रिजिजू भी शपथ लेंगे। भाजपा के भीतर ऐसी अटकलें हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को भी सरकार में वापस लाया जा सकता है, जिनका विस्तारित कार्यकाल इस महीने के अंत तक समाप्त हो जाएगा। वह प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में मंत्रिपरिषद के सदस्य थे। वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।

Modi Mantri 2

मोदी ने की चाय पर चर्चा।

सहयोगी पार्टियों से किसे मिलेगी जगह

सहयोगी दलों जैसे तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के राम मोहन नायडू और चंद्रशेखर पेम्मासानी, जनता दल (यूनाइटेड) के ललन सिंह और रामनाथ ठाकुर के अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के जीतन राम मांझी, जनता दल (सेक्यूलर) के एच डी कुमारस्वामी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के जयंत चौधरी को भी मंत्री बनाए जाने की संभावना है।

यूपी और महाराष्ट्र में हुआ भारी नुकसान

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते बिट्टू लोकसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्हें उनके ‘प्रोफाइल’ के कारण मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह पंजाब में पैर जमाने की भाजपा को कोशिश हो सकती है। इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा वहां अपना खाता भी नहीं खोल सकी है। तेलंगाना से निर्वाचित संजय कुमार और जी किशन रेड्डी को मोदी के आवास के लिए एक साथ रवाना होते देखा गया और उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि उन्हें मंत्री के रूप में शामिल किया जा सकता है।

मंत्रिपरिषद के गठन में भाजपा को लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हुए नुकसान को भी ध्यान में रखना होगा क्योंकि इन दोनों ही राज्यों में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षा के विपरीत रहा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article