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शपथ के बाद पहले 100 दिन का क्या है प्लान? मोदी ने होने वाले मंत्रियों को दिए ये 4 जरूरी संदेश

Modi Oath Ceremony: पीएम मोदी ने शपथ लेने वाले मंत्रियों के लिए ये संदेश दिया कि शपथ के बाद काम पर 100 दिन की कार्ययोजना को जमीन पर उतारना है। पेंडिंग योजनाओं को, जो आपको विभाग मिलेगा, उसको तेजी से पूरा करना है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों का एनडीए पर भरोसा है, उसे और मजबूत करना है।

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नरेंद्र मोदी।

Delhi News: नरेंद्र मोदी ने शपथ ग्रहण के बाद पहले 100 दिनों का प्लान तैयार कर लिया है, सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है। उन्होंने समारोह से पहले शपथ लेने वाले मंत्रियों को जरूरी सलाह दी और कहा है कि लोगों का एनडीए पर भरोसा है, उसे और मजबूत करना है। मोदी ने मंत्रियों को हर सप्ताह की प्लानिंग सुझाया है। उन्होंने कहा कि सोमवार से गुरुवार तक मंत्रालय के काम में दिल्ली में रहने का नियम बनाएं। शुक्रवार से रविवार तक निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करें।

पहले 100 दिन की कार्ययोजना का क्या है प्लान?

उन्होंने शपथ लेने वाले मंत्रियों के लिए ये संदेश दिया कि शपथ के बाद काम पर 100 दिन की कार्ययोजना को जमीन पर उतारना है। पेंडिंग योजनाओं को, जो आपको विभाग मिलेगा, उसको तेजी से पूरा करना है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों का एनडीए पर भरोसा है, उसे और मजबूत करना है। विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करना है। मोदी ने देश की जनता के लिए काम करने केलिए सभी को शुभकामनाएं दी और बड़ी जिम्मेदारी के लिए अपने आप को खपा देने को कहा। इसके साथ ही मोदी ने ये चार अहम संदेश दिया।

मंत्रियों के लिए पीएम मोदी के 4 जरूरी संदेश

1) जल्द से जल्द मंत्रालयों का कार्यभार संभालें।

2) अपने मंत्रालय से परिचित हों और संसद में सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहें।

3) सोमवार से गुरुवार तक मंत्रालय के काम में दिल्ली में रहने का नियम बनाएं। शुक्रवार से रविवार तक निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करें।

4) पाइपलाइन में मौजूद परियोजनाओं का समन्वय और उन्हें पूरा करें और जन कल्याण पर जोर दें।

मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल होंगे पूर्व सीएम कुमारस्वामी?

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच डी कुमारस्वामी रविवार शाम को केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। पार्टी के एक सूत्र ने बताया, 'कुमारस्वामी को शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण मिला है। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नयी मंत्रिपरिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।' इस अवसर पर जश्न मनाने के लिए नयी दिल्ली में सफदरजंग लेन स्थित जद (एस) प्रमुख एच डी देवेगौड़ा के आवास पर तैयारियां की जा रही हैं। कुमारस्वामी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने के फैसले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा दक्षिणी राज्यों विशेषकर कर्नाटक में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। कर्नाटक में जद (एस) का वोक्कालिगा समुदाय-बहुल क्षेत्रों में खासा प्रभाव है।

शपथ ग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा-व्यवस्था के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री पद के लिए नामित नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर नयी दिल्ली के कुछ हिस्सों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रपति भवन के चारों ओर अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनियों, राष्ट्रीय सुरक्षा गारद और 'स्नाइपर' को तैनात किया गया है। इसके अलावा निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने कहा, 'अर्धसैनिक बलों और दिल्ली सशस्त्र पुलिस (डीएपी) के जवानों की पांच कंपनियों सहित 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति भवन के चारों ओर तैनात किया गया है।'

शपथ ग्रहण समारोह में बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, भूटान, नेपाल, मॉरीशस और सेशेल्स के शीर्ष नेता शामिल होंगे। उनके ठहरने के मद्देनजर दिल्ली के लीला, ताज, आईटीसी मौर्या, क्लैरिजेस और ओबेरॉय जैसे होटल में भी सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, चूंकि यह कार्यक्रम राष्ट्रपति भवन के अंदर आयोजित किया जाना है, इसलिए परिसर के अंदर और बाहर तीन-स्तरीय सुरक्षा होगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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