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नागपुर हिंसा : लोगों का दावा-मस्जिद में पहुंची थी 30 गुना ज्यादा भीड़, साजिश के तहत बनाया गया निशाना, Video

Nagpur Violence : दंगे वाली जगह पर टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में पत्थरबाजी का शिकार हुए एक व्यक्ति ने बताया कि करीब साढ़े 10 बजे के करीब परिवार के लोग खाना खाने के लिए बैठे थे तभी बाहर शोरगुल की आवाज सुनाई दी। जब वह बाहर आए तो देखा कि कुछ लोगों ने अपना चेहरा ढंका था। उनके हाथों में लठ, डंडे, पेट्रोल बम और पत्थर थे।

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नागपुर में साजिश के तहत हुई हिंसा?

Nagpur Violence : नागपुर हिंसा पर कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। टाइम्स नाउ नवभारत के साथ खास बातचीत में स्थानीय लोगों ने मंगलवार को कहा कि दंगाई पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने हिंदू बहुल इलाके को जानबूझकर निशाना बनाया। वाहनों में तोड़फोड़ की और उनमें आग लगाई। लोगों का दावा है कि वे पेट्रोल बम लेकर आए थे और उनकी पत्थरबाजी में कई लोग घायल हुए। एक व्यक्ति ने पूछा कि जिस मस्जिद में रोजाना मुश्किल से 50 से 100 लोग आते थे, वहां 1500 से 2000 लोग कहां से आ गए।

सीएम ने लोगों से शांति की अपील की

इस बीच, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जबकि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दंगाइयों द्वारा पेट्रोल बम चलाए जाने की पुष्टि की है। डिप्टी सीएम ने कहा कि उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला किया और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश। उन्होंने कहा कि सच्चा मुसलमान औरंगजेब का समर्थक नहीं हो सकता। वहीं, शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने कहा कि नागपुर में हिंसा होने का कारण नहीं है। वह आरएसएस का गढ़ है। वहां दंगा नहीं हो सकता क्योंकि वहां मोहन भागवत बैठते हैं। वहां दंगा करने की हिम्मत कौन करेगा। राउत ने कहा कि 'दंगा कराने के पीछे उनके लोग होंगे। हिंदुओं पर हमला कराने, डराने और फिर उन्हें भड़काने का यह नया तरीका है।'

'चेहरा ढंककर आए थे दंगाई'

दंगे वाली जगह पर टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत में पत्थरबाजी का शिकार हुए एक व्यक्ति ने बताया कि करीब साढ़े 10 बजे के करीब परिवार के लोग खाना खाने के लिए बैठे थे तभी बाहर शोरगुल की आवाज सुनाई दी। जब वह बाहर आए तो देखा कि कुछ लोगों ने अपना चेहरा ढंका था। उनके हाथों में लठ, डंडे, पेट्रोल बम और पत्थर थे। वे गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रहे थे। लोगों के ऊपर पत्थरबाजी की। एक पत्थर उन्हें भी लगा था। पीड़ित व्यक्ति ने कहा कि दंगाइयों ने हिंदू धार्मिक चिन्हों को देखकर उन्हें निशाना बनाया।

मस्जिद में जमा हुए थे 1500 उपद्रवी

स्थानीय लोगों का दावा है कि नागपुर में बहुत बड़े दंगे की साजिश थी। मस्जिद में रोजाना से 30 गुना ज्यादा भीड़ पहुंची थी। मस्जिद में आम तौर पर रोजाना 50 लोग आते हैं लेकिन उस दिन करीब 1500 लोग आए। बातचीत में लोगों ने सवाल उठाया कि मस्जिद में 1500 से 2000 के बीच लोग कैसे पहुंचे और उनके पास तलवारें कहां से आईं? यहां बाहर से लोग आए थे। उनके पास पेट्रोल बम भी थे। वे हिंदुओं और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए पूरी तैयारी से आए थे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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