देश

मुस्लिम धर्मगुरु ने नवरात्रि पर मीट की दुकानें बंद रखने का किया समर्थन, 'सौगात-ए-मोदी' पहल की तारीफ की

Navratri 2025: मुस्लिम धर्मगुरु ने नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद रखने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि मुस्लिम समुदाय को इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि यह हिंदू समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है। चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाखों वंचित मुसलमानों को 'सौगात-ए-मोदी' ईद किट वितरित करने की पहल की सराहना की।

Image

मुस्लिम धर्मगुरु ने नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद रखने के लिए दिया अपना समर्थन

Photo : ANI

Navratri 2025: मुस्लिम धर्मगुरु चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद रखने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि मुस्लिम समुदाय को इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि यह हिंदू समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है। चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि हर धर्म की अपनी भावनाएं और आस्था होती है और उन्होंने अंतर-धार्मिक सम्मान के महत्व पर जोर दिया।

30 मार्च से शुरू से शुरू हो रही है नवरात्रि

चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि मुसलमानों को इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि यह हिंदू समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है। यह प्रशासन का मामला है। मुस्लिम समुदाय को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि हर धर्म की अपनी भावनाएं और आस्था जुड़ी होती हैं और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह नवरात्रि के दिनों में पूजा-पाठ का खास ख्याल रखा जाता है, उसी तरह मुसलमानों को भी अपने हिंदू भाइयों के त्योहारों का सम्मान करना सिखाया जाता है। देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिवसीय हिंदू त्योहार चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होकर 7 अप्रैल को समाप्त होगा। यह त्योहार हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और अंतिम दिन भगवान राम के जन्मोत्सव राम नवमी के साथ समाप्त होता है।

मुस्लिम धर्मगुरु ने ईद से पहले आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम परिवारों के लिए भाजपा के राष्ट्रव्यापी आउटरीच कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया। चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाखों वंचित मुसलमानों को 'सौगात-ए-मोदी' ईद किट वितरित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे प्रधानमंत्री ने रमजान के पवित्र महीने के दौरान हाशिए पर पड़े मुस्लिम समुदाय की स्थितियों का आकलन किया और उन लोगों तक पहुंचे जो ईद को खुशी से नहीं मना पा रहे थे।

पीएम मोदी ने पेट और दिल दोनों की सुनी बात- चौधरी इफ्राहीम

उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे समुदाय के उन गरीब, कमजोर और पीड़ित लोगों का सर्वेक्षण किया जो ईद की सच्ची खुशी का अनुभव नहीं कर पाए। यह वास्तव में एक उल्लेखनीय पहल है। जबकि हमारे समुदाय के लोगों ने भी अपनी मदद के लिए हाथ बढ़ाया, यह पीएम मोदी ही थे जिन्होंने यह असाधारण कदम उठाया। हुसैन ने अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि पीएम मोदी ने न केवल शारीरिक जरूरतों पर ध्यान दिया, बल्कि लोगों के भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक संघर्षों को भी समझा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पेट और दिल दोनों की बात सुनी और इसके लिए मैं उनका बहुत आभारी हूं। यह इशारा हमेशा याद रखा जाएगा। बता दें, ईद-उल-फित्र 2025 की सही तारीख रमजान की 29वीं रात को अर्धचंद्राकार चांद दिखने पर निर्भर करती है। यह 29 मार्च को है। अगर चांद दिख गया तो ईद 30 मार्च को मनाई जाएगी। हालांकि, अगर चांद नहीं दिखा तो रमजान 30 दिन पूरे कर लेगा और ईद 31 मार्च को मनाई जाएगी।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article