देश

रेप, लूट और डकैती में मुस्लिम नंबर-1, बदरुद्दीन अहमद के बयान पर फिर खड़ा हुआ विवाद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 28, 2023, 08:41 AM IST

Badruddin Ajmal: बदरुद्दीन ने कहा था कि हमारे बच्चें के पास स्कूल-कॉलेज जाने का टाइम नहीं है, लेकिन जुआ खेलने और दूसरों को धोखा देने का पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा था कि लोग सूरज-चांद पर जा रहे हैं और हम जेल कैसे जाएं, इस पर PhD कर रहे हैं।

Image

बदरुद्दीन अजमल

Photo : Twitter

Badruddin Ajmal: ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) प्रमुख बदरुद्दी अजमल के बयान से एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा है कि मुसलमानों में अपराध दर अधिक है। यहां तक कि उन्होंने रेप, डकैती, लूट जैसे गंभीर अपराधों में भी मुस्लिमों को नंबर 1 बताया है। उन्होंने कहा, जेल जाने में भी मुस्लिम ही नंबर 1 हैं। उनके इस बयान के बाद हंगामा शुरू हो गया है।

हालांकि, बदरुद्दीन अहमद अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने दुनियाभर में मुस्लिम समुदाय में शिक्षा की कमी देखी है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह देख कर दुख होता है कि हमारे बच्चे पढ़ते नहीं हैं। वे हायर एजुकेशन के लिए नहीं जाते। उन्होंने कहा, बच्चों को पढ़ाई का महत्व समझाने के लिए उन्होंने इस तरह का बयान दिया था।

हम बाजार में हैं तो नजरें झुकी होनी चाहिए

बदरुद्दीन अहमद ने इस दौरान लड़कियों के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर भी अपनी बात कही। उन्हेांने कहा, लड़के कहते हैं कि लड़कियों को देखकर उनका खून खौलता है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हमारा इस्लाम कहता है कि अगर हम बाजार में हैं तो हमारी ही नजरें झुकी हुई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, हम लड़कियों को बुरी नजर से देखते हैं तो हमें यह पता होना चाहिए कि हमारे परिवार में भी मां-बहनें हैं।

असम के गोलापार में दिया था बयान

बता दें, बदरुद्दीन ने बीते 20 अक्टूबर को असम के गोलापार में मुस्लिमों को लेकर बयान दिया था। उन्होंने मुस्लिम छात्रों की शिक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा था कि चोरी, डकैती, रेप और लूट जैसे अपराधों में मुस्लिम नंबर-1 हैं। यहां तक कि जेल जाने में भी हम नंबर -1 हैं। हमारे बच्चें के पास स्कूल-कॉलेज जाने का टाइम नहीं है, लेकिन जुआ खेलने और दूसरों को धोखा देने का पर्याप्त समय है। उन्होंने कहा था कि लोग सूरज-चांद पर जा रहे हैं और हम जेल कैसे जाएं, इस पर PhD कर रहे हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article