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कुछ में इंटॉलरेंटस हमेशा से था पर हिंदू ऐसे नहीं, वे...जावेद अख्तर ने जब लोकतंत्र का जिक्र छेड़ कही यह बात

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 10, 2023, 10:56 PM IST

Javed Akhtar on Hindus: वह बोले- यहां हजारों साल हमने यह बात मानी है कि लोग अलग-अलग सोच रख सकते हैं। वे अलग-अलग किस्म की बात कर सकते हैं। यह हिंदू कल्चर है...इसी ने हमें लोकतांत्रिक एटीट्यूड सिखाया है। ऐसे में इस देश में लोकतंत्र है।

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जावेद अख्तर बॉलीवुड के जाने-माने लिरिसिस्ट हैं। (फाइल)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Javed Akhtar on Hindus: हिंदी सिनेमा इंडस्ट्री के जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर ने हिंदुओं को लेकर बड़ी बात कही है। उनका मानना है कि कुछ लोग में इंटॉलरेंस (असहिष्णुता) हमेशा से था, पर हिंदू असल में ऐसे नहीं हैं। महाराष्ट्र के मुंबई में ये बातें उन्होंने गुरुवार (10 नवंबर, 2023) को एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।

वह बोले- मैं तो कई बार कह चुका हूं। आज फिर आपको बताता हूं...शोले का वह सीन जिसमें वह मंदिर में महिला जाती है और पीछे धर्मेंद्र खड़े होते हैं। आज उसे मैं और सलीम साहब नहीं लिखते। आज इस बात पर तमाशा हो जाता।

उनके मुताबिक, कुछ लोग हमेशा से थे, जिनमें हमेशा से इंटॉलरेंस था। पर हिंदू ऐसे नहीं थे। उनकी खूबी यह है कि उनमें विस्तार है। उनके दिल में हमेशा से विशालता रही है। याद रखिएगा कि वह आप खत्म कर देंगे तब आप भी दूसरों के जैसे हो जाएंगे।

बकौल अख्तर, "ऐसा मत करिएगा...आप लोगों का जो जीने का अंदाज है, उसे तो हमने सीखे। उसे आप ही छोड़ देंगे क्या? वह नहीं चलेगा। आप देखिए कि हिंदुस्तान में लोकतंत्र है। यहां क्यों है?"

वह बोले- यहां हजारों साल हमने यह बात मानी है कि लोग अलग-अलग सोच रख सकते हैं। वे अलग-अलग किस्म की बात कर सकते हैं। यह हिंदू कल्चर है...इसी ने हमें लोकतांत्रिक एटीट्यूड सिखाया है। ऐसे में इस देश में लोकतंत्र है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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