चारोतार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Charotar University of Science and Technology) में एक संवाद सत्र के दौरान बोलते हुए जयशंकर ने पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के परिवर्तन को स्वीकार किया। इसके विपरीत, पाकिस्तान अपरिवर्तित बना हुआ है, और उसने अपनी 'बुरी आदतों' को जारी रखा है।
जब उनसे पूछा गया कि भारत सरकार अब सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान पर शायद ही कभी चर्चा करती है, तो जयशंकर ने समझाया कि उन पर 'कीमती समय' बर्बाद करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा, 'भारत बदल गया है। काश मैं कह पाता कि पाकिस्तान बदल गया है। दुर्भाग्य से, वे कई मायनों में अपनी बुरी आदतों को जारी रखे हुए हैं। मैं कहूंगा कि 26/11 का मुंबई आतंकवादी हमला एक महत्वपूर्ण मोड़ था। मुझे लगता है कि यही वह समय था जब भारतीय जनता, सभी राजनीतिक दलों ने कहा कि यह बहुत ज्यादा है।' उन्होंने आगे कहा, 'लोगों को लगा कि देश (भारत) एक पड़ोसी से इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं कर सकता।'
उन्होंने कहा, 'इस अवधि के दौरान हमने आर्थिक और राजनीतिक रूप से प्रगति की है तथा विश्व में हमारी स्थिति में सुधार हुआ है। लेकिन पाकिस्तान ने पुरानी रणनीति अपनाई है।'
जयशंकर ने कहा कि 'पाकिस्तान भी अफगानिस्तान में संघर्ष से कुछ हासिल करने की कोशिश कर रहा था, जब अमेरिका और नाटो वहां मौजूद थे, पाकिस्तान दोहरा खेल खेल रहा था। वह तालिबान के साथ भी खेल रहा था और दूसरे पक्ष के साथ भी। लेकिन, जब अमेरिकी चले गए, तो दोहरा खेल जारी नहीं रह सका।'
'जिस आतंकवाद उद्योग को उन्होंने बढ़ावा दिया था, वही उन्हें नुकसान पहुंचाने लगा'
उन्होंने कहा, 'इस दोहरे खेल से उन्हें जो भी लाभ मिल रहा था, वह भी खत्म हो गया। इसके अलावा, जिस आतंकवाद उद्योग को उन्होंने बढ़ावा दिया था, वही उन्हें नुकसान पहुंचाने लगा।' उन्होंने कहा कि भारत भले ही उच्च स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन आतंकवाद का ब्रांड उन (पाकिस्तान) से चिपका हुआ है।
मंत्री ने कहा, 'आज हमारा ब्रांड प्रौद्योगिकी है। यही अंतर है। अगर आतंकवाद होता है तो हम जवाब देंगे, लेकिन मैं अपना कीमती समय उन पर क्यों खर्च करूं?' 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन गतिरोध पर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री'बहुत स्पष्ट थे, और भारत की प्रतिक्रिया के बारे में उनके दिमाग में कोई दूसरा विचार नहीं था'
