देश

'मुंबई पर किसी खान को बर्दाश्त नहीं करेंगे', ममदानी के न्यूयॉर्क का मेयर बनने पर BJP नेता ने दी चेतावनी

मंगलवार को 34 साल के ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर सिटी का चुनाव जीता। इस चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो को हराया। न्यूयॉर्क के मेयर पद पर पहुंचने वाले ममदानी पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल के व्यक्ति हैं। उनकी मां प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर हैं जबकि पिता मोहम्मद ममदानी यूगांडा मूल के हैं।

Image

मुंबई में होने वाला है बीएमसी का चुनाव। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Ameet Satam : न्यूयॉर्क का मेयर पद का चुनाव जीतने के बाद जोहरान ममदानी की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में बीएमसी के चुनाव होने हैं। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी के मुंबई प्रमुख अमित साटम ने बड़ा बयान दिया है। साटम ने कहा है कि उनकी पार्टी 'मुंबई पर किसी खान को बर्दाश्त नहीं करेगी।' साटम जो कि अंधेरी पश्चिम सीट से विधायक हैं, उन्होंने दावा कि 'न्यूयॉर्क सिटी में जिस तरह की राजनीति देखी गई है, उसी तरह की चीजें मुंबई में लाने की कोशिश की जा रही है।'

अपने X पोस्ट में साटम ने कहा, 'चूंकि कुछ शहरों के मेयर का सरनेम देखने और महाविकास अघाड़ी का वोट जिहाद के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय शहरों का रंग बदल रहा है। ऐसे में मुंबई को लेकर थोड़ा सतर्क रहना जरूरी हो जाता है।'

न्यूयॉर्क का मेयर बनने वाले पहले मुस्लिम

मंगलवार को 34 साल के ममदानी ने न्यूयॉर्क मेयर सिटी का चुनाव जीता। इस चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो को हराया। न्यूयॉर्क के मेयर पद पर पहुंचने वाले ममदानी पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल के व्यक्ति हैं। उनकी मां प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर हैं जबकि पिता मोहम्मद ममदानी यूगांडा मूल के हैं और उनकी जड़ें गुजरात से जुड़ी हैं। मेयर चुनाव में ममदानी का दबदबा शुरू से रहा और उन्होंने अपना चुनाव प्रचार बॉलीवुड अंदाज में किया। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना भी कर चुके हैं। न्यूयॉर्क मेयर पद के लिए चुनाव प्रचार में उन्होंने कई लोक-लुभावन वादे किए। उन्होंने गरीबों का सस्ता मकान बनाकर देने, छोटे बच्चों की मुफ्त देखभाल, प्रवासियों के लिए आसान नीतियां लाने का वादा किया है।

'ट्रंप की नीतियों को जवाब है ममदानी की जीत'

ममदानी की इस जीत पर वरिष्ठ राजनयिक वेणु राजामणि ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ममदानी की जीत ‘एक तरह से, न्यूयॉर्क शहर का अमेरिका में पनप रहे दक्षिणपंथी आंदोलनों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनाई जा रही नीतियों को जवाब है।’उन्होंने कहा कि ट्रंप ने खुले तौर पर कुओमो का समर्थन किया, लेकिन लोगों ने फिर भी ममदानी को वोट दिया। पूर्व राजदूत ने कहा, ‘समान रूप से महत्वपूर्ण वह समाजवादी एजेंडा है, जिसे उन्होंने (ममदानी) आगे बढ़ाया है, जिसमें मुफ्त परिवहन और गरीबों के लिए आवास शामिल हैं।’

ममदानी ने लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाया

एक अन्य वरिष्ठ राजनयिक अशोक कंठ ने कहा कि अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी ‘डोनाल्ड ट्रंप से निपटने के लिए सही रणनीति नहीं बना पाई है। इसलिए ममदानी एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने न्यूयॉर्क के लोगों के लिए ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है, जिसमें सामर्थ्य का सवाल शामिल है, क्योंकि घर और किराने का सामान खरीदने के मामले में सब कुछ उनकी पहुंच से बाहर हो गया है।’चीन में भारत के राजदूत रहे कंठ ने कहा कि ममदानी ने लोगों की दिक्कतों को समझा और इसी मुद्दे को भुनाया।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article