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महिला के पेट से आ रहा था खून, जांच में सामने आया रेप का राज; आरोपी गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 10, 2023, 11:53 AM IST

Crime News in Hindi: पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिला की घटना से दो महीने पहले ही ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। दुष्कर्म की घटना के कुछ दिन बाद महिला के पेट से खून आने लगा, जिसके बाद परिवार वाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे।

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रेप का आरोपी ऑटो ड्राइवर गिरफ्तार

Crime News: मुंबई में एक महिला से ऑटो के अंदर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश से आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी उत्तर प्रदेश का ही रहने वाला है और वह मुंबई में रहकर ऑटो चलाने का काम करता है। आरोपी की पहचाान इंद्रजीत सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया, इस घटना के बारे में तब पता चला, जब महिला तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंची। दरअसल, आरोपी ने महिला से मारपीट की थी और इसे इस बात के लिए धमकाया था कि वह घटना के बारे में किसी को न बताए।

दो महीने पहले ही महिला की हुई थी डिलीवरी

पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिला की घटना से दो महीने पहेल ही ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। दुष्कर्म की घटना के कुछ दिन बाद महिला के पेट से खून आने लगा, जिसके बाद परिवार वाले उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों ने महिला से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा मामला खुला।

महिला ने बताई आपबीती

पुलिस ने बताया, घटना का खुलासा होने के बाद परिवारीजनों ने केस दर्ज कराया। पीड़ित महिला ने बताया कि वह अपनी मौसी के घर सीबीडी-बेलापुर गई थी। वहां से गोरेगांव वापस आने के लिए उसने ऑटो बुक किया था। महिला जब ऑटो से वापस आर रही थी, तभी ऑटो वाला उसे सुनसान इलाके में ले गया और उसके साथ रेप किया। इसके बाद आरोपी यूपी भाग आया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें ऑटो मालिक का नाम सामने आया। पुलिस ने ऑटो मालिक से पूछताछ की तो पता चला कि घटना के दिन कोई और ऑटो चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने इंद्रजीत सिंह तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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