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आपदा के खतरे को कम करने में मदद के लिए NIDM-TERI में समझौताः बोले निदेशक- साझेदारी संयुक्त प्रतिबद्धता का प्रतीक

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 25, 2023, 02:54 PM IST

MOU between NIDM-TERI: दरअसल, समझौते पर हस्ताक्षर नवोन्मेष और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए किए हैं, ताकि देश में सुरक्षा और समय के हिसाब से ढलने की संस्कृति को प्रोत्साहित किया जा सके।

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टेरी ने नवोन्मेष एवं ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

MOU between NIDM-TERI: आपदा के खतरे को कम करने में सहयोग के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) और ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान (टेरी) ने एक समझौते (MOU : मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर साइन किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, आपदा प्रबंधन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में जागरूकता को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालयों को शामिल करने के प्रधानमंत्री के 10 सूत्री एजेंडे के हिस्से के रूप में शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

बयान में आगे बताया गया कि लक्ष्य देश में सुरक्षा और समय के हिसाब से ढलने की संस्कृति को विकसित करने के लिए आपदा के खतरे को कम करने में ज्ञान, नवाचार और शिक्षा को बढ़ावा देना है।

स्टेटमेंट में यह भी जानकारी दी गई, ''यह ऐतिहासिक समझौता आपदा प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने और स्थायी तौर-तरीकों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। एनआईडीएम और टेरी के बीच सहयोग का उद्देश्य आपदाओं और जलवायु संबंधी जोखिमों से उत्पन्न होने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करना है।''

एनआईडीएम के कार्यकारी निदेशक राजेंद्र रतनू की ओर से कहा गया यह साझेदारी आपदा के खतरे को कम करने के राष्ट्रीय एजेंडे में योगदान देने की संयुक्त प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो समय के साथ बदलते और सुरक्षित भारत के निर्माण में सहयोग के महत्व को मजबूत करती है।

दरअसल, समझौते पर हस्ताक्षर नवोन्मेष और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए किए हैं, ताकि देश में सुरक्षा और समय के हिसाब से ढलने की संस्कृति को प्रोत्साहित किया जा सके। एनआईडीएम के तहत लगभग 260 विश्वविद्यालय और संस्थान आते हैं, जिनमें टेरी भी है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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