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पटना जा रहा शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर, बेटे ने बताया- अंतिम संस्कार वहीं होगा; जहां मेरे पिता का हुआ...

Sharda Sinha Last Rituals: मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा के पार्थिव शरीर को दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया। उनका अंतिम संस्कार पटना में होगा। इसकी जानकारी उनके बेटे ने साझा की। बीती रात दिल्ली के एम्स में शारदा सिन्हा ने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर संगीत जगत में मातम पसरा हुआ है।

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अंतिम संस्कार के लिए पटना जा रहा शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर।

Sharda Sinha: प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार पटना में किया जाएगा। 'बिहार कोकिला' के नाम से मशहूर मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा का मंगलवार रात करीब 9.20 बजे 'सेप्टीसीमिया' के कारण रिफ्रैक्टरी शॉक के कारण निधन हो गया।

दुनिया को छोड़ कर चली गईं गायिका शारदा सिन्हा

शारदा सिन्हा मल्टीपल मायलोमा नामक ब्लड कैंसर से जूझ रही थीं, जिसका निदान 2018 में हुआ था। सोमवार को उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इससे पहले आज शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान सिन्हा ने उनके अंतिम संस्कार की जानकारी दी और कहा कि उनका पार्थिव शरीर सुबह करीब 9.40 बजे पटना पहुंचेगा।

अंशुमान सिन्हा ने कहा, "हमने तय किया है कि मेरी मां (शारदा सिन्हा) का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर होगा, जहां मेरे पिता का अंतिम संस्कार हुआ था, इसलिए हम कल उनका पार्थिव शरीर पटना ले जाएंगे।" बुधवार को प्रसिद्ध गायिका शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान सिन्हा ने अपनी मां के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि यह परिवार और उनके चाहने वालों के लिए दुख की घड़ी है, क्योंकि उन्होंने छठ पूजा के पहले ही दिन अंतिम सांस ली। अपनी मां को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी। उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए दुख की घड़ी है... वह हम सबके बहुत करीब थीं। उनकी आभा और गायन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया था और यह सभी के लिए सदमे की बात है। मुझे यकीन है कि उनके चाहने वाले भी मेरी तरह दुखी होंगे। उनका मातृत्व उनके गीतों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व में भी साफ झलकता था। वह छठ पूजा के पहले दिन हमें छोड़कर चली गईं। वह हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी।"

बिहार में ही होगा शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा। शारदा सिन्हा का निधन एक अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार ने तय किया है कि उनका अंतिम संस्कार बिहार में ही होगा। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख जताया है। मैंने बिहार सरकार से भी बात की है, उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ होगा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने कहा था कि वह मेरे घर आएंगी, लेकिन अब यह वादा अधूरा रह जाएगा। वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। भगवान उनके परिवार और उनसे प्यार करने वाले सभी लोगों को शक्ति प्रदान करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भोजपुरी और मैथिली लोक संगीत में उनके योगदान को याद करते हुए कहा, "उनके मधुर गीतों की गूंज हमेशा बनी रहेगी।" पीएम मोदी ने आगे कहा कि उनका निधन संगीत जगत के लिए "अपूरणीय क्षति" है। 72 वर्षीय सिन्हा, 1970 के दशक से संगीत जगत की दिग्गज गायिका हैं, उन्होंने भोजपुरी, मैथिली और हिंदी लोक संगीत में बहुत योगदान दिया है और लोक संगीत की अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। बिहार के पारंपरिक लोक संगीत और अपने प्रतिष्ठित छठ गीत में अपने योगदान के लिए जानी जाने वाली शारदा सिन्हा को इस क्षेत्र की सांस्कृतिक राजदूत माना जाता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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