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गुजरात में थम गई मानसून की रफ्तार, अभी और कितना इंतजार? आपके शहर में कब से होगी बारिश, नोट कर लें तारीख

Monsoon Update 2024: भीषण गर्मी (Heat wave) की मार झेल रहे उत्तर भारत को मानसून (Monsoon) के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग (IMD Weather) का कहना है कि उत्तर भारत के राज्यों में मानूसनी गतिविधियां (Monsson Rain) 20 जून से 5 जुलाई के बीच शुरू होगीं, लेकिन तब तक इन राज्यों को सीवियर हीटवेव का सामना करना पड़ेगा।

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IMD Monsoon Updates

Monsoon Update 2024: प्रचंड गर्मी और हीटवेव (Heat wave) की मार झेल रहे उत्तर भारत में मानसून (Monsoon) का इंतजार बढ़ता जा रहा है। यहां लू और गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल किया हुआ है, आलम यह हो गया है कि भीषण गर्मी के कारण अब लोगों की जान पर बन आई है। जानकारी के मुताबिक, यूपी के वाराणसी में गर्मी से महिला पर्यटक समेत 3 लोगों की मौत हो गई। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) का कहना है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों पारा (Maximum Temperature) सामान्य से तीन से चार डिग्री ऊपर दर्ज किया जा रहा है। कानपुर में पारा 46.3 डिग्री सेंटीग्रेट दर्ज किया गया तो वहीं पंजाब के अबोहर में शनिवार का तापमान 47.1 डिग्री और दिल्ली में 46 डिग्री रहा।

वहीं, उत्तर पूर्वी राज्यों मानसूनी बारिश (Monsoon Rain) का दौर जारी है। यहां के असम और मेघायल जैसे राज्यों में भारी से भारी बारिश (Rainfall) दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में भी यहां इस तरह की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी। मौसम विभाग (Mausam Vibhag) ने बताया कि उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों (Monsson update)को शुरू होने में वक्त लग सकता है, क्योंकि गुजरात में समय से चार दि पहले दस्तक दे चुके मानसून की रफ्तार फिलहाल थमी हुई है।

11 जून से गुजरात में थमा मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि गुजरात में समय से चार दिन पहले 11 जून को ही दस्तक देने के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण राज्य के अन्य हिस्सों में आगे नहीं बढ़ पाया है। उन्होंने कहा, दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 15 जून को गुजरात में प्रवेश करता है और 20 जून तक अहमदाबाद और सौराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों सहित अन्य भागों में आगे बढ़ता है। 25 जून तक मानसून सौराष्ट्र के अधिकांश भागों में पहुंच जाता है और 30 जून तक यह पूरे गुजरात को कवर कर लेता है। हालांकि, यह मानसून फिलहाल थमा हुआ है।

कहां-कब तक जारी रहेगी हीटवेब

IMD के मुताबिक, यूपी, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में सीवियर हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। बिहार और झारखंड में 18 जून तक, एमपी, यूपी राजस्थान, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल में 17 जून तक हीटवेव का असर रहेगा।

Monsoon update

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कहां पहुंचा मानसून

IMD के मुताबिक, 30 मई से 15 जून के बीच मानसून अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा, दमन-दीव, पुडुचेरी, दादरा नगर हवेली में पहुंच चुका है।

इन राज्यों में प्री मानसून

मौसम विभाग ने 16 जून से 20 जून के बीच मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में प्री मानसून बारिश का अनुमान जताया है।

11 राज्यों में कब पहुंचेगा मानसून

20 जून से 5 जुलाई के बीच मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पहुंच जाएगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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