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बारिश का प्रहार, इंसान लाचारः 13 मौतों के बीच कहीं टूटे पहाड़ तो कहीं डूबे मैदान, पुल बहे और गिरे मकान, जानें- देश का हाल

  • Curated by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 9, 2023, 08:16 PM IST

Monsoon Rains in India: दिल्ली में बीते 24 घंटे में 153 मिमी बारिश हुई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश (25 जुलाई 1982 को एक दिन में दर्ज की गई 169.9 मिमी बारिश के बाद) है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में मूसलाधार बारिश और दिल्ली में मौसम की पहली भारी बारिश हुई।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Monsoon Rains in India: मॉनसून के बीच जुलाई के शुरुआती हफ्ते में बारिश ने ऐसा भयावह प्रहार किया कि शहर-शहर इंसान बेबस और लाचार नजर आया। पहाड़ी सूबों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग बारिश से जुड़ी घटनाओं में रविवार (नौ जुलाई, 2023) की शाम तक कम से कम 13 जानें जा चुकी थीं, जबकि यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। आसमानी कहर ने इस दौरान आम लोगों के जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया।

ऐसा इसलिए क्योंकि पहाड़ों पर भूस्खलन के साथ चट्टानें टूटकर और खिसकर नीचें गिरी और उन्होंने गाड़ियों को शिकार बनाया, जबकि दिल्ली-एनसीआर सरीखे मैदानी इलाके में आने वाले हाईटेक शहर भी इस "जलसमाधि" की जद में आए। पुल बहे, मकान गिरे और इस दौरान लोग अपने घर में एक तरह से फंस (जरूरी कामों के लिए न निकल पाने के संदर्भ में) गए। आइए, जानते हैं बारिश संबंधी घटनाओं के चलते कहां कैसा प्रभाव पड़ा:

महज आठ दिन में हुई बारिश की कमी की भरपाई

जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में देश के अधिकतर हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश हुई। यही वजह है कि इसने मुल्क में वर्षा में कमी की भरपाई कर दी। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मॉनसून की दस्तक के बाद से अब तक (खबर लिखे जाने तक) 243.2 मिलीमीटर(मिमी) बारिश हुई है, जो सामान्य रूप से होने वाली वर्षा 239.1 मिमी से दो प्रतिशत अधिक है। वैसे, देश में अलग-अलग जगहों पर बारिश की मात्रा में काफी अंतर है।

हिमाचल में भूस्खलन: पांच की गई जान, नदियां उफान पर

इस बीच, हिमाचल में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में पांच लोगों की मौत हो गई, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन ने हालात को ध्यान में रखते हुए दो दिनों के लिए विद्यालयों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी, ‘रेड अलर्ट’ जारी किया। कुल्लू में 50 साल पुराना पुल बह गया, जबकि सोलन में भी एक पुल का हिस्सा नदी (Madhavala River) के तेज आवेग के आगे धराशायी हो गया। मंडी में भी फुट ओवर ब्रिज नदी में बह गया।

UK में बिगड़े हालात! आठ मौतें

वहीं, उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ और इस दौरान वाहन दुर्घटना और मकान गिरने की घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई। खराब मौसम के मद्देनजर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को चौकस रहने के निर्देश देते हुए लोगों को अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा। वैसे, कई स्थानों पर भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गए जिससे चारधाम यात्रा में भी रूकावट आई। लगातार बारिश के चलते गंगा सहित प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया। आईएमडी ने 11 और 12 जुलाई को राज्य के 13 में से आठ जिलों-चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल एवं उधमसिंह नगर में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया।

देश की राजधानी दिल्ली भी बनी दरिया! बाढ़ का खतरा

दिल्ली से सटे हरियाणा की ओर से हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल से बात की और लगातार बारिश के मद्देनजर केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति के बारे में जानकारी ली, जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लगातार बारिश के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी के सभी स्कूल सोमवार (10 जुलाई, 2023) को बंद रहेंगे। हालांकि, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि देश में प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है लेकिन राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में 30 प्रतिशत सुधार हुआ है। केंद्रीय जल आयोग ने आशंका जताई है कि दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है और मंगलवार को खतरे के निशान (205.33 मीटर) के पार जाने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर बारिश

उधर, उत्तर प्रदेश में रविवार को बड़े पैमाने पर 'अत्यधिक' बारिश दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से जल भरण क्षेत्रों में व्यापक वर्षा होने से नदियों का जल स्तर बढ़ गया। आईएमडी ने बताया कि सूबे में औसतन 13.6 मिमी (1.3 सेमी) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 56% अधिक है। इसे 'अतिरिक्त' वर्षा के रूप में वर्गीकृत किया गया। राज्य के कुल 75 जिलों में से करीब 68 में बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में राज्य के मध्य एवं पूर्वी हिस्सों के जिलों की तुलना में अधिक बारिश हुई।

गुरूग्रामः MNCs बोलीं- करिए WFH, स्कूलों की भी छुट्टी

हरियाणा के गुरूग्राम में भारी वर्षा के बाद जगह-जगह पर जलभराव हो गया और कई हिस्सों में यातायात जाम हुआ। प्रशासन ने कॉरपोरेट कार्यालयों (मल्टीनेशनल कंपनियों के) को अपने कर्मियों से सोमवार के लिए घर से काम कराने और विद्यालयों को छुट्टी की घोषणा करने की सलाह दी है। दरअसल, अत्यधिक बारिश से शहर में बहुत खराब स्थिति पनपी और सड़कों, पार्क्स, अंडरपास, बाजारों और यहां तक कि स्कूलों एवं अस्पतालों में जलभराव हो गया।

हरियाणा-पंजाब और राजस्थान में भी हाल खराब

इस बीच, पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ। दोनों राज्यों के कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में लगातार भारी बारिश हुई और उसके बाद दोनों राज्यों और चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान में गिरावट आई, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश के दौर के बीच झुंझुनू के उदयपुरवाटी में शनिवार से रविवार सुबह तक अधिकतम 12 सेमी बारिश दर्ज की गई। फिलहाल पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन आज जैसलमेर, अजमेर से होकर उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है।

लद्दाख में बेमौसम बर्फबारी, बारिश

लद्दाख में बेमौसम बर्फबारी देखने को मिली और इस दौरान मूसलाधार बारिश के मद्देनजर मौसम विभाग ने क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया। अधिकारियों ने बताया कि लेह-करगिल-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लामायुरु में भूस्खलन होने के कारण सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सड़क पर यातायात बंद करना पड़ा। लेह और करगिल जिलों में ऊंचाई पर स्थित दर्रा वाले इलाकों में पिछले दो दिन की मूसलाधार बारिश के बाद रात में बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने 10 से 14 जुलाई तक क्षेत्र में कुछ स्थानों पर बारिश होने और मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है। (पीटीआई इनपुट्स के साथ)
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता author

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