Modi Surname case: मोदी सरनेम मामले में सेशंस कोर्ट ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखा है। इसका अर्थ यह है कि उनकी दो साल की सजा बरकरार रहेगी। सेशंस कोर्ट(sessions court surat) ने सजा को निलंबित किए जाने की अपील को खारिज कर दिया है।सूरत के सेशन कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। एडिशनल सेशन कोर्ट जज आर पी मोगेरा ने कहा कि 20 अप्रैल को फैसला सुनाया। मोदी सरनेम मानहानि मामले में राहुल गांधी की ओर से अर्जी दी गई थी। जिसमें निचली कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ अपील की गई थी। राहुल गांधी ने सजा पर रोक की याचिका दाखिल की है। इस मामले पर अदालत ने पूर्णेश मोदी के साथ ही गुजरात सरकार को भी नोटिस जारी किया था।
क्या है पूरा मामला
आखिर राहुल गांधी ने कहा क्या था जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ़ी और फिर सांसदी भी गई?कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कर्नाटक के कोलार (Modi surname statement in kolar rally) की एक रैली में 2019 में मोदी सरनेम पर की गई टिप्पणी को लेकर याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी ने मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिस पर राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई गई थी। 24 मार्च को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस तरह से बयान दिया था उससे एक समाज की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची। एक जिम्मेदार नेता से इस तरह के बयान की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। बता दें कि 2019 वाले बयान के खिलाफ सूरत वेस्ट से विधायक रहे पूर्णेश मोदी(Purnesh Modi) ने शिकायत दर्ज करायी थी।
गांधी हूं, सावरकर नहीं पर भी हुआ था बवाल
बता दें कि मार्च महीने में जब राहुल गांधी के खिलाफ फैसला आया था तो उस वक्त उन्होंने कहा था कि इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वो संसद के सदस्य हैं य नहीं। उनकी लड़ाई नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जारी रहेगी। वो आम लोगों की आवाज पहले की तरह उठाते रहेंगे। देश के सामने कई तरह की चुनौतियां हैं। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार विपक्षी दलों के साथ प्रतिशोध वाली राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि वो गांधी हैं, सावरकर नहीं, वो किसी से डरते नहीं।
