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आतंक पर मोदी सरकार का प्रहार, TRF को घोषित किया आतंकी संगठन; लश्कर का है प्रॉक्सी

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 6, 2023, 01:12 AM IST

टीआरएफ पर आरोप है कि वो आतंकी हमलों में शामिल रहा है। साथ ही आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं की भर्ती कर रहा है और यह आतंकी गतिविधियों पर प्रचार करने में शामिल रहा है। यह संगठन लश्कर के प्रॉक्सी के रूप में जाना जाता है।

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टीआरएफ को सरकार ने घोषित किया आतंकी संगठन

Photo : BCCL

केंद्र की मोदी सरकार ने आंतक और आतंकवादियों पर एक बार फिर से कड़ा प्रहार किया है। मोदी सरकार ने कश्मीर में सक्रिय द रेजिस्टेंस फोर्स ( The Resistance Front) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। इस संगठन पर आरोप है कि ये कश्मीर में आतंकी हमलों में शामिल रहा है और लश्कर का प्रॉक्सी है।

क्या लिया गया है फैसला

गृह मंत्रालय ने गुरुवार को यह फैसला लिया है। इस संगठन के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि यह पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का एक "आतंकवादी" संगठन है। टीआरएफ पर आरोप है कि यह आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से युवाओं की भर्ती कर रहा है और यह आतंकी गतिविधियों पर प्रचार करने में शामिल रहा है।

आदेश में क्या कहा गया है

आदेश में कहा गया है कि टीआरएफ आतंकवादियों की भर्ती, आतंकवादियों की घुसपैठ और पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है। आदेश में कहा गया है- "टीआरएफ जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारतीय राज्य के खिलाफ आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शामिल है। शेख सज्जाद गुल टीआरएफ का कमांडर है और उन्हें उक्त अधिनियम की चौथी अनुसूची के तहत आतंकवादी के रूप में नामित किया गया है।"

इसमें यह भी कहा कि टीआरएफ की गतिविधियां भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं, क्योंकि इस संगठन के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं। यह संगठन 2019 में प्रतिबंधित संगठन लश्कर के प्रॉक्सी के रूप में सामने आया था। लश्कर की जगह भारत में यह काम कर रहा था। लश्कर 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों सहित कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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