दिल्ली में ट्रांसफर पोस्टिंग के मामले में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार इस मामले पर एक अध्यादेश लेकर आई है। अध्यादेश में कहा गया है कि दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पैनल बनेगा। केंद्र का यह अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को दिया गया था। इस मामले को लेकर काफी समय से दिल्ली में केजरीवाल सरकार बनाम एलजी का विवाद चल रहा है।
बनेगी पैनल
इस अध्यादेश के जरिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण का गठन करेगी। इसमें तीन सदस्य होंगे। तीन सदस्यों में दिल्ली के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और प्रधान सचिव गृह होंगे। ये पैनल बहुमत के आधार पर फैसला करेगी। इसी पैनल के पास ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर विजिलेंस तक पर नजर रखने का काम होगा। लेकिन अंतिम फैसला एलजी का ही होगा। यानि फिर से एलजी ही ट्रांसफर पोस्टिंग के मामले में बॉस होंगे।
क्या होगा असर
केंद्र सरकार के इस आदेश के बाद एक बार फिर से केंद्र बनाम राज्य का विवाद शुरू हो सकता है। केजरीवाल अपनी मर्जी से किसी भी अधिकारी को ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं, जिससे फिर से इस मामले पर हंगामा मच सकता है।
केजरीवाल जता चुके हैं आशंका
ट्रांसफर पोस्टिंग पर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए एलजी से पूछा था कि एलजी साहब सुप्रीम कोर्ट के आदेश क्यों नहीं मान रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार अगले ह़फ्ते आर्डिनेंस लाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने वाली है। क्या केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने की साजिश कर रही है। सर्विसेज मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि अब यह सुनने में आ रहा है कि एलजी हाउस के सूत्र अफसरों को फोन करके धमका रहे हैं कि जल्द ही केंद्र सरकार ऑर्डिनेंस लेकर आ रही है। तब तक सभी काम रोक कर रखो।
