Modi cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने आज विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया, आज कैबिनेट बैठक में सहकारिता क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े भंडारण योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दी गई है। अभी देश में 1450 लाख टर्न खाद्यान्न के भंडारण की क्षमता है। इसके अतिरिक्त 700 लाख टन भंडारण की क्षमता सहकारिता क्षेत्र में शुरू होगी।
उन्होंने बताया, इस योजना के लिए सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में एक Empowered Inter-Ministerial कमेटी गठित होगी। इस योजना को शुरू करने में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले 10 जिलों में लागू किया जाएगा।
पांच साल में 2150 लाख टन होगी क्षमता
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया, योजना के तहत अगले पांच सालों में अन्न भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 2150 लाख टन किया जाएगा। उन्होंने कहा, इसके तहत प्रत्येक प्रखंड में 2000 टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे। योजना का मकसद भंडारण सुविधाओं की कमी से अनाज को होने वाले नुकसान से बचाना है। इसके अलासा किसानों को संकट के समय अपनी उपज को कम दाम पर बेचने से रोकना है। उन्होंने बताया, इस योजना के तहत गांवों में रोजगार के अवसर सृजित करना और आयात पर निर्भरता को कम करना भी सरकार का लक्ष्य है।
योजना से मजबूत होगी खाद्य सुरक्षा
केंद्रीय मंत्री ने बताया, इस योजना से देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। अभी देश में उपज का 47 प्रतिशत ही गोदामों में रखा जा सकता है, जबकि सालाना करीब 3100 लाख टन खाद्यान उत्पादन होता है। उन्होंने कहा, हर प्रखंड में अधिक अन्न भंडारण से किसानों के लिए परिवहन लागत में भी काफी कमी आएगी। इसके अलावा बैठक में सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एंड सस्टेन - CITIIS 2.0 प्रोग्राम आज शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। इस योजना के ऊपर करीब 1866 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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