India Economic Conclave 2023: साल 2020 में जब चीन ने भारत के लद्धाख में हिमाकत की थी, उस वक्त भारत और अमेरिका में क्या माहौल था, दोनों सरकारें क्या कर रही थीं, इस बारे में कई अहम बातें अमेरिका के पूर्व सेक्रेटरी ऑफ स्टेट माइक पोम्पिओ ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में बताई हैं। पोम्पिओ के अनुसार चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और शी जिनपिंग भारत की अगली पीढ़ी के लिए सबसे बड़े खतरे हैं। पोम्पिओ के अनुसार चीन के खतरे से निपटने के लिए भारत को एक ही फॉर्मूला अपनाना चाहिए। वह है कि हर क्षेत्र में विकास किया जाय। इसमें इकोनॉमिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों में मजबूत होने की जरूरत है।
भारत ने बेहतरीन काम किया
पोम्पिओ ने बताया कि यह साल 2020 की बात है, जब चीन ने भारत की उत्तरी सीमा पर हिमाकत की थी। भारत ने इस चुनौती से निपटने के लिए बेहतरीन काम किया, आपको इस पर गर्व करना चाहिए। उस वक्त हमसे जो भी चीजें मांगी गई वह सब अमेरिका ने दिया। हमने हर चीजों पर जितना जल्द हो सकता था एक्शन लिया। उस वक्त के माहौल के बारे में मैं यह कह सकता हूं कि इस क्षेत्र में माहौल काफी चिंताजनक था।
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पिछले 40 साल से अमेरिका के खिलाफ युद्ध लड़ रही है। मेरा मानना है कि यह चलता रहेगा। भारत को ऐसे माहौल में बस यह करना चाहिए कि उसे विकास करना चाहिए। आपको रक्षा क्षेत्र में खुद को मजबूत करना होगा। भारत दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यातक बनकर उभर रहा है। मेरा मानना है कि यह बेहद जरूरी है कि नौकरियों के अवसर पैदा हों, लोग संपन्न हों। क्योंकि जब तक आपकी इकोनॉमी संपन्न नहीं होगी तब तक आप सुरक्षित देश नहीं बनेंगे।
अगली ट्रिलियन डॉलर कंपनी भारत की होगी
पोम्पिओ ने कहा कि हर देश अपने हितों को देखता है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियों द्वारा निवेश किया गया है। मेरा मानना है कि अगली ट्रिलियन डॉलर कंपनी भारत की होगी। भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रूप से बड़े गहरे संबंध हैं। हमें देखना है कि दोनों देशों के लोगों के बीच कारोबार की पहुंच कैसे ज्यादा बढ़े। मेरा मानना है कि दोनों देशों के बीच यह संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे।
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