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Sonam Wangchuk पर लगा NSA हटा, तत्काल प्रभाव से खत्म हुई हिरासत

Sonam Wangchuk: गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम वांगचुक की हिरासत को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए रद्द किया गया है। सरकार ने कहा कि यह फैसला सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया गया है और इसका उद्देश्य लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाए रखना है।

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सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की हिरासत को तुरंत प्रभाव से समाप्त हुआ।

Photo : ANI

Sonam Wangchuk: केंद्र सरकार ने लद्दाख के सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की हिरासत को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक की हिरासत को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (National Security Act) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए रद्द किया गया है। सरकार ने कहा कि यह फैसला सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया गया है और इसका उद्देश्य लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाए रखना है।

सोनम वांगचुक को क्यों हिरासत में लिया गया था?

बता दें कि लद्दाख क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लेह के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा हिरासत का आदेश जारी किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि वांगचुक राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 के तहत निर्धारित अधिकतम अवधि का लगभग आधा समय जेल में बिता चुके थे।

वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 के अंतर्गत हिरासत में लिया गया था, जो अधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है जिन्हें "भारत की रक्षा के लिए हानिकारक" माना जाता है। यह कानून 12 महीने तक की हिरासत की अनुमति देता है, हालांकि इसे पहले भी रद्द किया जा सकता है।

लद्दाख के लोगों के संपर्क में है सरकार: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं को लेकर विभिन्न हितधारकों और समुदाय के नेताओं से लगातार संवाद कर रही है। साथ ही यह भी बताया गया कि क्षेत्र में बंद और विरोध प्रदर्शनों के कारण छात्रों, नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, पर्यटन उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में हुए प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। अब केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद उनकी हिरासत समाप्त हो गई है।

'लद्दाख में शांति का माहौल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध'

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय सभी हितधारकों (Stakeholders) के साथ 'रचनात्मक और सार्थक संवाद' को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

क्या है सोनम वांगचुक की मांग?

सरकार का मानना है कि इस कदम से लद्दाख की मांगों को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने में मदद मिलेगी। सोनम वांगचुक पिछले काफी समय से लद्दाख को छठी अनुसूची (6th Schedule) में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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