BSP Political Plan: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासित किए गए पार्टी प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने रविवार को अपनी 'गलतियों' की माफी मांगते हुए पार्टी में वापस लिये जाने की गुहार लगाई है। आकाश ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स पर की गई सिलसिलेवार पोस्ट में प्रण लेते हुए कहा कि वह अब भविष्य में अपने किसी भी राजनीतिक फैसले के लिए किसी नातेदार और सलाहकार से कोई राय नहीं लेंगे।
अब क्या करेंगी आकाश आनंद की बुआ बसपा सुप्रीमो मायावती?
ये सवाल सबसे अहम है, क्योंकि कभी आकाश आनंद को उनकी बुआ मायावती ने अपना उत्तराधिकारी घोषित कर रखा था। बसपा में आकाश को पकी-पकाई खीर मिल गई थी, लेकिन उनके बड़बोले अंदाज के चलते उनकी बुआ ने आकाश के खिलाफ रौद्र रूप धारण कर लिया। सवाल ये है कि क्या आकाश की माफी के बाद मायावती पिछल जाएंगी?
ऐसा बिल्कुल संभव है, क्योंकि इससे पहले भी ऐसा देखा गया है कि आकाश आनंद के खिलाफ मायावती ने कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया और कुछ ही वक्त के बाद उन्होंने यू-टर्न ले लिया था। हो सकता है कि मायावती फिर से पलट जाएं और अपने भतीजे की गलतियों को माफ कर दें। इसकी सबसे बड़ी वजह ये भी हो सकती है कि साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, और मायावती चुनाव में अपने करीबियों को छिटकने नहीं देना चाहेंगी।
क्या बसपा में हो पाएगी मायावती के भतीजे आकाश आनंद की वापसी?
आकाश ने अपनी पोस्ट में कहा, 'बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष, यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रही एवं लोकसभा व राज्यसभा की भी कई बार सदस्य रही आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी को मैं अपना दिल से एकमात्र राजनीतिक गुरू व आदर्श मानता हूं। आज मैं यह प्रण लेता हूं कि बहुजन समाज पार्टी के हित के लिए मैं अपने रिश्ते-नातों को व खासकर अपने ससुराल वालों को कतई भी बाधा नहीं बनने दूंगा।'
आखिरकार अपने किस ट्वीट के लिए आकाश आनंद ने मांगी माफी?
उन्होंने इसी श्रृंखला की अगली पोस्ट में कहा, 'यही नहीं बल्कि कुछ दिनों पहले किए गए अपने ट्वीट के लिए भी माफी मांगता हूं जिसकी वजह से आदरणीय बहन जी (मायावती) ने मुझे पार्टी से निकाल दिया है। आगे से इस बात को सुनिश्चित करूंगा कि मैं अपने किसी भी राजनीतिक फैसले के लिए किसी भी नाते-रिश्तेदार और सलाहकार की कोई सलाह मशविरा नहीं लूंगा।'
आकाश ने कहा, 'और सिर्फ आदरणीया बहन जी के दिए गए दिशा-निर्देशों का ही पालन करूंगा तथा पार्टी में अपने से बड़ों की व पुराने लोगों की भी पूरी इज्जत करूंगा और उनके अनुभवों से भी काफी कुछ सीखूंगा।' उन्होंने कहा, 'आदरणीय बहन जी से अपील है कि वह मेरी सभी गलतियों को माफ करके मुझे पुन: पार्टी में कार्य करने का मौका दें, इसके लिए मैं सदैव उनका आभारी रहूंगा। साथ ही अब मैं आगे ऐसी कोई भी गलती नहीं करूंगा, जिससे पार्टी व आदरणीय बहन जी के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान को ठेस पहुंचे।'
जब मायावती ने आकाश को पार्टी से कर दिया था निष्कासित
मायावती ने दो मार्च को अपने तत्कालीन 'उत्तराधिकारी' आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक सहित सभी पदों से मुक्त कर दिया था। अगली सुबह आकाश ने 'एक्स' पर एक विस्तृत पोस्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि पार्टी के सभी पदों से मुक्त किये जाने का निर्णय उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भावनात्मक है लेकिन साथ ही अब एक बड़ी चुनौती भी है, परीक्षा कठिन है और लड़ाई लंबी है।
उन्होंने यह भी कहा था कि बसपा एक विचार और एक आंदोलन है जिसे दबाया नहीं जा सकता और इस मशाल को जलाए रखने और इसके लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करने के लिए लाखों आकाश आनंद हमेशा तैयार हैं। इसके बाद उसी दिन मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उन्होंने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था और कहा था कि सिद्धार्थ ने आनंद का राजनीतिक करियर बर्बाद कर दिया है। मायावती ने यह भी ऐलान किया था कि उनके जीते जी अब कोई भी उनका उत्तराधिकारी नहीं होगा।
