देश

75 लाख के इनामी माओवादी कमांडर बदसे सुक्का ने किया आत्मसमर्पण; 2013 में इसी दिया था झीरम घाटी हमले को अंजाम

तेलंगाना में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य और केंद्र सरकार की राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास का लाभ मिलेगा। इसके तहत हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले 20 माओवादियों को कुल 1.82 करोड़ रुपये की पुरस्कार एवं सहायता राशि दी जाएगी।

Image

खतरनाक माओवादी कमांडर बदके सुक्का ने किया आत्मसमर्पण।

Photo : Twitter

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) के शीर्ष कमांडर बदसे सुक्का उर्फ देवा ने 19 भूमिगत लड़ाकों के साथ तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। बदसे सुक्का ऊर्फ देवा पर 75 लाख का इनाम घोषित था। इतना ही नहीं,सुक्का ने 2013 के झीरम घाटी हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी,जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और अन्य कांग्रेस नेताओं की मौत हो गई थी। अब उसके और 19 अन्य लोगों के आत्मसमर्पण को पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) और भाकपा (माओवादी) की तेलंगाना राज्य समिति के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

तेलंगाना पुलिस ने इस बारे में प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की। इसमें पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने पीएलजीए के हथियारों और गोला-बारूद के भंडार भी सौंप दिए। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में संगठन का एक अन्य वरिष्ठ कमांडर कंकनला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश भी शामिल है। मडवी हिडमा का समकालीन बदसे भाकपा (माओवादी) का दूसरे सबसे महत्वपूर्ण आदिवासी कमांडर है।

2003 में भाकपा-माले पीडब्ल्यूजी में शामिल हुआ था बदसे सुक्का

पुलिस ने अपने बयान में यह भी बताया कि बदसे 2003 में भाकपा-माले पीडब्ल्यूजी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) में शामिल हुआ था। उसे सैन्य रणनीति बनाने,विस्फोटक तैयार करने,आग्नेयास्त्र निर्माण तथा आईईडी लगाने में महारत हासिल कर रखी है। बदसे सुक्का भाकपा (माओवादी) का एक खूंखार रणनीतिकार है और उसने कई बड़े हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 2013 का झीरम घाटी हमला भी शामिल है

वहीं, राजी रेड्डी की बात करें तो उसने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टालू की पहाड़ियों में एक गुरिल्ला अड्डा बनाने और वहां मौजूद लड़ाकों को रसद सहायता मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को क्या मिलेगा?

तेलंगाना में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य और केंद्र सरकार की राहत एवं पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास का लाभ मिलेगा। इसके तहत हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले 20 माओवादियों को कुल 1.82 करोड़ रुपये की पुरस्कार एवं सहायता राशि दी जाएगी। पुलिस ने कहा कि सभी पात्र आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार द्वारा घोषित सभी लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे सम्मान और सुरक्षा के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटकर नया जीवन शुरू कर सकें।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शिवधर रेड्डी ने कहा कि सरकार की नीति का उद्देश्य भटके हुए लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों को न केवल आर्थिक सहायता दी जाएगी, बल्कि उनकी सुरक्षा, पुनर्वास, आजीविका और सामाजिक पुनःस्थापना की भी व्यवस्था की जाएगी।

डीजीपी ने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में भाकपा (माओवादी) से जुड़े तेलंगाना के 17 मूल निवासी अब भी भूमिगत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेलंगाना पुलिस राज्य के किसी भी नए क्षेत्र में माओवादी संगठन को दोबारा पैठ बनाने की अनुमति नहीं देगी। शिवधर रेड्डी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध हथियारों के साथ घूमने वाले या किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता शांति बनाए रखना है, लेकिन कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article