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गृह मंत्री अमित शाह के घर के बाहर कुकी समुदाय का प्रदर्शन, जानिए किन मांगों को लेकर इकट्ठा हुए लोग

Manipur Violence : आज सैकड़ों कुकी महिलाओं का एक समूह गृह मंत्री अमित शाह के घर पहुंच गया। महिलाओं ने बताया है कि, 29 मई से 6 जून तक उनके 56 गांवों को पुलिस और माइती समुदाय के उपद्रवियों ने जला दिया।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

Photo : BCCL

Manipur Violence : मणिपुर में कुकी और माइती समुदाय के बीच हो रहे हिंसक झड़प का मामला दिल्ली पहुंच गया है। आज सैकड़ों कुकी महिलाओं का एक समूह गृह मंत्री अमित शाह के घर पहुंच गया। उनमें से सिर्फ चार महिलाओं के एक प्रतिनिधमंडल को गृह मंत्री से मिलने की इजाजत दी गई। बाकी सभी महिलाओं को जंतर-मंतर अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए भेज दिया गया। टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में इन महिलाओं ने बताया कि अमित शाह ने 15 दिन के शांति समझौते (सीज फायरिंग) का वादा किया था लेकिन वो लागू नहीं हुआ, अभी भी कुकी लोग मारे जा रहे हैं।

महिलाओं ने बताया है कि, गृह मंत्री अमित शाह को कुकी समुदाय द्वारा जो ज्ञापन सौंपा गया है उसके मुताबिक 29 मई से 6 जून तक उनके 56 गांवों को पुलिस और माइती समुदाय के उपद्रवियों ने जला दिया, इसके अलावा ज्ञापन में दावा किया गया है कि करीब 20 चर्च को जला दिया गया।

क्या है कुकी समुदाय की मुख्य मांगें?

गृह मंत्री अमित शाह की 29 मई की शांति की घोषणा के बाद कुकी लोगों ने अपने लाइसेंसी हथियार तो छोड़ दिए लेकिन माइती लोग मणिपुर सशस्त्र बल के साथ मिलकर हिंसा कर रहे हैं। ऐसे में कुकी आदिवासी समुदाय के गांवों के बाहर भारतीय सेना तैनात की जाए। भारतीय सेना और केंद्रीय पुलिस बल में तैनात माइती समुदाय के जवानों को मणिपुर से बाहर ट्रांसफर किया जाए।

गौरव श्रीवास्तव
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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