हिंसा जारी रहने के कारण केंद्र ने मणिपुर का ‘अशांत क्षेत्र' (Disturbed Area) का दर्जा छह महीने और बढ़ाया गया।मणिपुर के लिए ‘अशांत क्षेत्र' का नया दर्जा अक्टूबर 2026 से लागू होगा और अगले छह महीनों तक बना रहेगा।गृह मंत्रालय ने AFSPA के तहत मणिपुर के ‘अशांत क्षेत्र' के दर्जे को छह महीने और बढ़ा दिया है, क्योंकि पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा जारी है।
मणिपुर को पहली बार अप्रैल 2023 में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) के तहत ‘अशांत क्षेत्र' घोषित किया गया था, जब हिंसा पहली बार भड़की थी। तब से इस दर्जे को बार-बार बढ़ाया गया है।
PTI ने गजट नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए बताया कि ‘अशांत क्षेत्र' के तौर पर यह नया विस्तार 1 अक्टूबर, 2026 से छह महीने तक लागू रहेगा। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह फैसला तीनों राज्यों में 'कानून-व्यवस्था की स्थिति की और समीक्षा' के बाद लिया गया। इन आदेशों में आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 की धारा 3 का हवाला दिया गया है, जो केंद्र सरकार को कुछ खास इलाकों को 'अशांत क्षेत्र' घोषित करने का अधिकार देती है।
केंद्र ने नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ खास इलाकों में भी AFSPA को बढ़ा दिया है, जो सशस्त्र बलों को विशेष अधिकार देता है।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: मणिपुर हिंसा के बाद राहत शिविरों में 25 अप्राकृतिक मौतों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मुख्य सचिव से मांगा पूरा ब्योरा
मणिपुर के वे इलाके जिन्हें ‘अशांत क्षेत्र' की श्रेणी से बाहर रखा गया है
बाहर रखे गए इलाकों में इंफाल पश्चिम जिले के इंफाल, लैम्फेल, सिटी, सिंगजामेई, पात्सोई और वांगोई पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके; इंफाल पूर्व के पोरोमपट, हिंगांग और इरीलबुंग पुलिस स्टेशन; थौबल जिले का थौबल पुलिस स्टेशन; बिष्णुपुर जिले के बिष्णुपुर और नामबोल पुलिस स्टेशन और काकचिंग जिले का काकचिंग पुलिस स्टेशन शामिल हैं।
मणिपुर में हिंसा जारी
अधिकारियों ने पुष्टि की कि मणिपुर में हिंसा जारी रहने के बीच, गुरुवार को मणिपुर के कामजोंग जिले में एक सशस्त्र समूह के हमले में चार लोग मारे गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना मणिपुर के कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में शाम करीब 4 बजे हुई। पिलोंग गाँव कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर पिलर नंबर 95 के पास स्थित है। अधिकारियों ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, 'म्यांमार स्थित विद्रोही गुट (KNA(B)) के संदिग्ध कुछ अज्ञात हथियारबंद लोग, जिनके पास आधुनिक हथियार थे, भारत-म्यांमार सीमा से होते हुए पिलोंग गांव में घुसे और ग्रामीणों पर गोलीबारी की।'
