Manipur Violence: नॉर्थ ईस्ट का मणिपुर हिंसा के दर्द और जख्मों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया और सोमवार-मंगलवार (पांच और छह जून, 2023) की दरमियानी रात को वहां फिर से फायरिंग हो गई। विद्रोहियों की ओर से की गई ताजा गोलीबारी में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के एक जवान की जान चली गई, जबकि दो सैनिक घायल बताए गए। भारतीय सेना के स्पियर कॉर्प्स की ओर से जारी बयान में जानकारी दी गई थी, "सामान्य क्षेत्र सेरू (Serou) में बीएसएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि असम राइफल्स के दो जवानों को गोली लगी।"
सूबे में इससे पहले पांच जून की सुबह इंफाल पश्चिम जिले के कांगचुप इलाके में लोगों के दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई थी। घटना के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक, घायलों को इंफाल के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई।
दरअसल, उत्तर पूर्वी सूबा लगभग एक महीने से अधिक समय से जातीय हिंसा से ग्रसित है। राज्य में इस दौरान झड़पों में खासा इजाफा देखने को मिला। कुछ हफ्तों की खामोशी के बाद हालिया गोलीबारी हुई है।
वैसे, तीन मई 2023 को अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मेइती समुदाय ने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च’ का आयोजन हुआ था और उसके बाद सूबे के विभिन्न हिस्सों में जातीय हिंसा भड़क गई थी। चार जून, 2023 तक के आंकड़ों के अनुसार, सूबे में हिंसा की घटनाओं में 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
