Mamata Banerjee's Protest Rally: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार यानी आज राजनीतिक परामर्श कंपनी ‘आई-पैक’ के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगी। ‘आई-पैक’ का काम तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक परामर्श प्रदान करने के अलावा उसके आईटी और मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करना है।
कार्रवाई राजनीति से प्रेरित: सीएम ममता बनर्जी
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल सुप्रीमो बनर्जी दोपहर दो बजे जादवपुर आठ-बी बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक मार्च का नेतृत्व करेंगी। सूत्रों ने ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया और कहा कि इसका उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी को डराना है।
गुरुवार को आई-पैक के दफ्तर पर ईडी के छापे के बीच बनर्जी, (आई-पैक के) प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर अचानक पहुंच गई थीं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डिजिटल डेटा को जब्त करने का प्रयास कर रही है। परिसर से बाहर निकलते हुए मुख्यमंत्री ने ईडी पर केंद्र के इशारे पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी को ‘परेशान’ करने का आरोप लगाया।
बता दें कि ईडी ने बृहस्पतिवार को कोलकाता में आई-पैक से जुड़े दो स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ‘‘मेरे आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी’’ जैन के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है।
मेरी पार्टी के दस्तावेज जब्त कर रही ईडी: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ईडी ने मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के आवास और कार्यालयों पर छापा मारा और मेरे आईटी सेल (प्रकोष्ठ) के प्रभारी के आवास की तलाशी ली। वे मेरी पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त कर रहे थे, जिनमें विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के उम्मीदवारों का विवरण था। मैंने इन्हें वापस ले लिया है।’’
उन्होंने ईडी अधिकारियों पर सत्तारूढ़ पार्टी की हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, लैपटॉप, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने का आरोप लगाया मुख्यमंत्री ने पूछा, ‘‘क्या राजनीतिक दलों के आंकड़े एकत्र करना ईडी का काम है?’’ तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक परामर्श के अलावा, आई-पैक पार्टी के आईटी और मीडिया संचालन का भी प्रबंधन करती है।
सीएम ममता बनर्जी ने अमित शाह पर साधा निशाना
भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए बनर्जी ने इस कार्रवाई को ‘‘बदले की राजनीति’’ बताया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को डराने-धमकाने के लिए संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। मता बनर्जी ने कहा, ‘‘यह कानून का पालन नहीं है। यही तरीका है उन सबसे सख्त गृह मंत्री के काम करने का, जिन पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है?’’
भाजपा पर लोकतंत्र को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने का आरोप लगाते हुए, बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा लोकतंत्र की हत्यारी है। एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से 15 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। क्या उन्हें लगता है कि मतदाताओं के नाम हटाकर और राजनीतिक दलों के आईटी प्रकोष्ठ कार्यालयों पर छापे मारकर वे राज्य पर कब्जा कर सकते हैं ?’’
राजनीतिक रूप से लड़े भाजपा: सीएम ममता बनर्जी
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक पंजीकृत राजनीतिक दल है जो आयकर का भुगतान करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘‘धन और बाहुबल का इस्तेमाल करके हमें दबा नहीं सकती’’। ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘यदि भाजपा बंगाल में जीतना चाहती है तो वह हमसे राजनीतिक रूप से मुकाबला करके दिखाये।” उन्होंने कहा कि जैन के आने और काम शुरू करने तक वह आई-पैक कार्यालय में ही रहेंगी।
भाजपा ने किया पलटवार
इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर संवैधानिक एजेंसियों के कामकाज में बार-बार हस्तक्षेप करने और जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया।अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री और कोलकाता के पुलिस आयुक्त का दौरा अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप था।’’
उन्होंने सवाल किया कि तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज कथित तौर पर एक निजी परामर्श फर्म के पास क्यों थे ? ईडी ने इस अभियान के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
ED ने क्या-क्या कहा?
वहीं, इस पूरे मामले पर प्रर्वतन निदेशालय (ED) ने भी प्रतिक्रिया दी है। ईडी ने साफ किया है कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यालय पर छापा नहीं मारा गया है। ईडी ने कहा है कि कोयला तस्करी सिंडिकेट अनूप माजी के नेतृत्व में चल रहा था, जो पश्चिम बंगाल में ईसीएल के लीज वाले इलाकों से कोयले की चोरी और अवैध खनन में शामिल थे।
ईडी के अनुसार, तलाशी की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, पुलिस कर्मियों और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के पहुंचने के बाद, दो ठिकानों से फिजिकल दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटा दिए गए।
ED के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज
सीएम ममता बनर्जी ने शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ खुद शिकायत दर्ज कराई है। यह कार्रवाई प्रतीक जैन के घर पर ED की रेड के बाद हुई, जिसके बाद शेक्सपियर सरानी पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. मुख्यमंत्री द्वारा दर्ज किए गए पहले मामले में चोरी, आपराधिक घुसपैठ और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की चोरी के आरोप शामिल हैं।
दूसरा मामला पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकने और गलत तरीके से हिरासत में रखने के आरोप लगाए गए हैं। खास बात यह है कि दोनों मामले अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं, और किसी भी FIR में किसी खास ED अधिकारी का नाम नहीं लिया गया है।
