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सांसद जवाहर सरकार के इस्तीफे से TMC में हड़कंप, मनाने में जुटीं ममता बनर्जी, लगाया फोन

Jawhar Sircar Resignation: टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार से फोन पर बात की है और उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है। बता दें, कोलकाता रेप केस में सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए जवाहर सरकार ने रविवार को इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था।

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पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी।

Jawhar Sircar Resignation: कोलकाता में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर मामले के बाद राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार के इस्तीफे से टीएमसी में हड़कंप मच गया है। अब खबर है कि खुद ममता बनर्जी जवाहर सरकार को मनाने में जुटी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ममता बनर्जी ने जवाहर सरकार से फोन पर बात की है और उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है।

बता दें, रविवार को जवाहर सरकार ने कोलकाता रेप कांड में ममता सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने ममता बनर्जी को एक पत्र लिखकर राज्य को बचाने का आग्रह किया था। पत्र में कहा था कि मुझे लगा था कि ममता बनर्जी इस मामले में पुराने ममता स्टाइल में निपटेंगी, लेकिन मैंने ऐसा नहीं देखा। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जवाहर सरकार 11 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे और राज्यसभा अध्यक्ष जगदीप धनखड़ को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

काफी देर से उठाए गए कदम

टीएमसी राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने ममता बनर्जी के नाम लिखे पत्र में कहा गया है कि आरजी कर अस्पताल में हुई भयावह घटना के बाद एक महीने तक मैंने धैर्यपूर्वक पीड़ा सही और उम्मीद कर रहा था कि आप (ममता बनर्जी) अपनी पुरानी शैली में आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों के साथ सीधे बात करेंगी। ऐसा नहीं हुआ और राज्य सरकार अब जो भी दंडात्मक कदम उठा रही है, वह बहुत अपर्याप्त हैं और काफी देर से उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, वे लोग राजनीति नहीं चाहते, वे न्याय और सजा चाहते हैं। हमें खुलकर विश्लेषण करना चाहिए और समझना चाहिए कि यह आंदोलन जितना अभया (पीड़िता को दिया गया नाम) के लिए है, उतना ही राज्य सरकार और पार्टी के खिलाफ भी है। इसके लिए तत्काल सुधार की जरूरत है, अन्यथा सांप्रदायिक ताकतें इस राज्य को अपने गिरफ्त में ले लेंगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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