Counter-Insurgency Crackdown : सर्दियों से पहले सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में अपना आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है। खुफिया एजेंसियों से मिल इनपुट्स में इस बात का जिक्र किया गया है कि सर्दियों के दौरान पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन घाटी में अपनी गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। खुफिया इनपुट के बाद पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में स्थित विभिन्न आतंकवादी संगठन सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। अपने आतंक विरोधी अभियान को तेज करते हुए पुलिस ने शनिवार को कुलगाम और गांदरबल में 100 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे।
आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जारी है अभियान
यह छापेमारी पीओके या पाकिस्तान से संचालित जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के रिश्तेदारों और स्थानीय सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही यह कार्रवाई सीमा पार से चल रहे आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे समन्वित अभियान का हिस्सा है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर ने भी घाटी की जेलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया है, ताकि जेल प्रणाली के भीतर से संचालित हो रहे संचार चैनलों को तोड़ा जा सके और सहयोगियों की पहचान की जा सके।
सिम कार्ड विक्रेताओं की सत्यापन प्रक्रिया
इसके साथ ही, कश्मीर भर में सिम कार्ड विक्रेताओं की सत्यापन प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि आतंकी मॉड्यूल्स और ओवरग्राउंड वर्करों द्वारा मोबाइल कनेक्शनों के दुरुपयोग को रोका जा सके।
हाई अलर्ट पर है सेना
पुलवामा और श्रीनगर जिलों में ऐसे ड्राइव चलाए जा रहे हैं और सिम कार्ड विक्रेताओं की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारतीय सेना, जिसने कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था, उसे भी सर्दियों से पहले हाई अलर्ट पर रखा गया है। खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की बढ़ती गतिविधियों की सूचना दी है। इन संगठनों के ऑपरेटिव अब एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स का इस्तेमाल समन्वय और भर्ती के लिए तेजी से कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां सर्दियों के लिए बनाए गए सघन सुरक्षा ग्रिड के तहत इन चैनलों की बारीकी से निगरानी कर रही हैं।
