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उद्धव के करीबी का बेटा 'गया' शिंदे गुट में: कहा- बालासाहब मेरे आदर्श, आदित्य बोले- जो 'वॉशिंग मशीन' में कूदना चाहते हैं कूदें

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Mar 13, 2023, 09:48 PM IST

भूषण ने बताया- बालासाहब मेरे आदर्श हैं। मौजूदा समय में सीएम शिंदे हिंदुत्व की उस परंपरा को आगे लेकर बढ़ रहे हैं, जिसे बालासाहब ने शुरू किया था। मैं शिंदे के काम को करीब से देखा है, जिसके बाद ही मैंने उनके साथ आने का फैसला लिया।

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महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेना का हिस्सा बनने के बाद उनके साथ में बैठे सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई।

Photo : ANI

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सोमवार (13 मार्च, 2023) को सियासी तौर पर तगड़ा झटका तब लगा, जब उनके करीबी माने जाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई एकनाथ शिंदे के गुट के साथ हो लिए। भूषण ने सीएम की मौजूदगी में शिंदे के गुट वाली शिवसेना का दामन थामा। पार्टी में देसाई को शामिल कराने के बाद सीएम शिंदे ने मीडिया वालों से कहा- हमारी बगावत की शुरुआत से ही कई नेता, जो बालासाहब ठाकरे के साथ जुड़े थे, वे हमारे साथ आ गए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, हमारी पार्टी बालासाहब ठाकरे की विचारधारा पर चल रही और आम आदमी के साथ जन कल्याण के लिए काम कर रही है। इसी चीज को ध्यान में रखते हुए भूषण देसाई ने हमारे साथ काम करने और जुड़ने का फैसला लिया है।

वहीं, भूषण ने बताया- बालासाहब मेरे आदर्श हैं। मौजूदा समय में सीएम शिंदे हिंदुत्व की उस परंपरा को आगे लेकर बढ़ रहे हैं, जिसे बालासाहब ने शुरू किया था। मैं शिंदे के काम को करीब से देखा है, जिसके बाद ही मैंने उनके साथ आने का फैसला लिया।

उधर, इस बाबत उद्धव के पुत्र आदित्य ठाकरे ने कहा- सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई यूबीटी (हमारे गुट) के सक्रिय सदस्य नहीं हैं, पर उनके पिता हमारे साथ लंबे समय तक साथ रहे हैं। अगर कोई वॉशिंग मशीन में कूदना चाहता है, तब वह कूद सकता है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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