महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बुधवार (15 मार्च, 2023) को सियासी तौर पर झटका लगा है। सूबे के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ.दीपक सावंत सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। वह सीएम शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए।
डॉ.सावंत तब की एकीकृत शिवसेना के विधान पार्षद थे। साल 2014 से 2018 तक देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्हें तब कैबिनेट से हटा दिया गया था और वर्ष 2018 में उद्धव ने विधान परिषद चुनाव के लिए टिकट भी नहीं दिया था।
वैसे, इससे पहले उद्धव के वफादार सुभाष देसाई के पुत्र शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए हैं। 13 मार्च, 2023 को उद्धव बालासाहेब ठाकरे के सीनियर नेता सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए, जिससे उद्धव ठाकरे खेमे को सियासी तौर पर झटका लगा था।80 बरस के उद्धव के अहम सहयोगी माने जाने वाले देसाई ने इस घटनाक्रम को चिंताजनक बताते हुए कहा था कि बेटे के कदम से पार्टी और ठाकरे परिवार के प्रति उनकी वफादारी में कोई बदलाव नहीं आएगा। देसाई ने सत्ताधारी संगठन में अपने बेटे के शामिल होने को तवज्जो नहीं देने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि भूषण देसाई की राजनीति या शिवसेना (यूबीटी) में कोई भूमिका नहीं थी। दरअसल, निर्वाचन आयोग ने हाल में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ शिंदे नीत खेमे को आवंटित कर दिया था। वहीं, इससे पहले शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने ईसी की आलोचना करते हुए रविवार को कहा था कि शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिवसेना के रूप में मान्यता देने और उसे तीर-कमान चुनाव चिह्न आवंटित करने का उसका फैसला लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। इस समय ‘सीएम’ (चीफ मिनिस्टर यानी मुख्यमंत्री) का मतलब ‘करप्ट मैन’ (भ्रष्ट व्यक्ति) है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
