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मेजर सांब्याल के बाद चर्चा में आईं ACP पूनम गुप्ता, जानें कैसे बनीं राष्ट्रपति की पहली महिला PSO

मध्य प्रदेश के शिवपुरी की रहने वाली पूनम आज केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट हैं और राष्ट्रपति भवन में पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर यानी PSO के तौर पर तैनात रही हैं।

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राष्ट्रपति की पहली महिला पीएसओ ACP पूनम गुप्ता

ACP Poonam Gupta PSO to Presdident of India: मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल के बाद एक और नाम चर्चा में हैं। वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाली पूनम गुप्ता की कहानी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व की मिसाल है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी की रहने वाली पूनम आज केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट हैं और राष्ट्रपति भवन में पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर यानी PSO के तौर पर तैनात रही हैं। CRPF में अधिकारी बनने के बाद पूनम की तैनाती सिर्फ सामान्य ड्यूटी तक सीमित नहीं रही। उन्होंने बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में भी काम किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने का यह अनुभव उनके करियर का अहम हिस्सा रहा।

पूनम की कहानी इसलिए खास है क्योंकि यह सिर्फ एक अधिकारी की प्रोफाइल नहीं, बल्कि उस सफर की कहानी है जिसमें एक छोटे शहर की लड़की ने पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा, कठिन फील्ड पोस्टिंग और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को पार करते हुए देश के सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की सुरक्षा व्यवस्था तक अपनी जगह बनाई।

कितनी पढ़ी लिखी हैं पूनम

पूनम की पढ़ाई भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने गणित में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद अंग्रेजी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएशन और फिर बीएड की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ उन्होंने देश की सुरक्षा सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया और 2018 में UPSC CAPF परीक्षा पास की। इस परीक्षा में उन्होंने 81वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उनका चयन CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुआ।

CRPF की महिला टुकड़ी का नेतृत्व

पूनम गुप्ता की पहचान उस समय और मजबूत हुई, जब उन्होंने 74वें गणतंत्र दिवस परेड में CRPF की महिला टुकड़ी का नेतृत्व किया। इस जिम्मेदारी ने उनकी नेतृत्व क्षमता और अनुशासन को सामने रखा। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में PSO की जिम्मेदारी संभालना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना। PSO की जिम्मेदारी बेहद संवेदनशील होती है। राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अधिकारी को हर समय सतर्कता, अनुशासन और पेशेवर व्यवहार बनाए रखना होता है। पूनम की कार्यशैली और सेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें इस जिम्मेदारी तक पहुंचाया।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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