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महाराष्ट्र कांग्रेस को कब मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष? नाना पटोले ने खुद कर दिया खुलासा

Maharashtra Congress: महाराष्ट्र की सियासत में कांग्रेस का क्या होगा? खुद प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने इसे लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई को नया प्रमुख जल्द मिलेगा। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पटोले ने खुद से इस्तीफे की पेशकश की।

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नाना पटोले।

Nana Patole on Congress State Chief: महाराष्ट्र की सियासत में कब क्या होने वाला है, इसकी भविष्यवाणी कर पाना बड़े-बड़े दिग्गजों के वश की बात नहीं है। हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी में मंथन का दौर जारी है। इस बीच खुद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी।

खुद को इस पद से मुक्त करने का किया है अनुरोध

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश इकाई को जल्द ही नया प्रमुख मिलेगा क्योंकि उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से खुद को इस पद से मुक्त करने का अनुरोध किया है। पटोले ने नागपुर में विधान भवन के परिसर में संवाददाताओं से यह बात कही, जहां राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है।

नए प्रदेश अध्यक्ष पर जल्द ही लिया जाएगा फैसला

पटोले ने कहा कि कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को नए नेता के नाम का ऐलान करने के लिए अधिकृत किया है।’’ पटोले ने कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान से उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से मुक्त करने के लिए कहा है, क्योंकि वह चार साल से इस पद पर हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक दल के नेता का नाम भी जल्द ही घोषित कर दिया जाएगा। महाराष्ट्र के हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अब तक की सबसे बुरी हार के बाद, पार्टी सूत्रों ने दावा किया था कि पटोले ने केंद्रीय नेतृत्व से संगठनात्मक पद की जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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