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महाराष्ट्र में कब होगा मंत्रिमंडल का विस्तार, कौन-कौन बनेगा मंत्री? सामने आई तारीख

महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा? इस सवाल के जवाब का इंतजार हर कोई कर रहा है। इस बीच सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है कि 11 या 12 दिसंबर को होने की संभावना है। वहीं भाजपा विधायक कालिदास कोलंबकर ने महाराष्ट्र विधानसभा के ‘प्रोटेम स्पीकर' के रूप में शपथ ली।

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देवेंद्र फडणवीस।

Maharashtra Cabinet Expansion: देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 11 या 12 दिसंबर को होने की संभावना है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पूरी संभावना है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा वित्त विभाग और भाजपा गृह विभाग अपने पास रखेगी, जैसा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में था।

किस पार्टी को कितने मंत्री मिल सकते हैं?

शिवसेना सूत्रों की मानें तो शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना शहरी विकास मंत्रालय अपने पास रखेगी और राजस्व मंत्रालय भी उसे मिल सकता है। महाराष्ट्र में मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं। ‘महायुति’ गठबंधन के सबसे बड़े घटक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 21-22 मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार शिवसेना को 11 से 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को 9 से 10 मंत्री पद मिल सकते हैं।

प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलांबकर दिलाएंगे शपथ

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या पर अंतिम फैसला एक-दो दिन में लिया जाएगा। नवनिर्वाचित विधायकों को शनिवार से शुरू हो रहे विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र में अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) कालिदास कोलांबकर शपथ दिलाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव नौ दिसंबर (सोमवार) को होगा, जिसके बाद नयी सरकार का विश्वास मत होगा और राज्यपाल दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से राज्य की दूसरी राजधानी नागपुर में शुरू होगा।

कौन बना महाराष्ट्र विधानसभा का 'प्रोटेम स्पीकर'?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कालीदास कोलंबकर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा के ‘प्रोटेम स्पीकर’ के रूप में शपथ ली। महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र शुरू होने से एक दिन पहले कोलंबकर ने शपथ ली। नौ बार विधायक रहे कोलंबकर को राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने दक्षिण मुंबई में राजभवन में शपथ दिलाई। कोलंबकर नए सदन में सबसे वरिष्ठ विधायक हैं और पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुंबई की वडाला सीट से जीत हासिल की थी।

‘प्रोटेम स्पीकर’ के रूप में वह 288 नवनिर्वाचित विधायकों को पद की शपथ दिलाएंगे और विधानसभा की कार्यवाही का संचालन करेंगे। कोलंबकर मुंबई में सात दिसंबर से शुरू हो रहे 15वीं विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराएंगे। विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव नौ दिसंबर को होगा, जिसके बाद देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार विश्वास मत हासिल करेगी। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे और मुख्य सचिव सुजाता सौनिक मौजूद थीं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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