Maha Kumbh viral Harsha Richhariya: महाकुंभ के पहले दिन से एक युवती का वीडियो वायरल है, जिसमें गले में रुद्राक्ष और फूलों की माला और ललाट पर तिलक लगाए एक युवती दिख रही हैं, इनकी लोकप्रियता इन सभी बाबाओं को भी मात कर रही है। कौन हैं ये युवती यही जानने के लिए टाइम्स नाउ नवभारत (Times Now Navbharat ) हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya interview) के पास पहुंचा।
उसने बातचीत में कहा मैं कोई साध्वी नहीं हूं साध्वी की राह बहुत कठिन होती है बहुत तपस्या करनी पड़ती है, मैंने अपने गुरुदेव से गुरु मंत्र दीक्षा ली है जिसे मैं मंत्रो का जाप करती हूं, अध्यात्म की तरफ आने से मुझे बहुत सुकून मिल रहा है, मैं जब 4 साल की थी तो मैं महादेव को पिता के रूप में देखा है, पिता के रूप में मैं उनसे जुड़ी हूं, मैंने अपनी हर बात हर तकलीफ को उनसे बोला है।
'कोल्ड ड्रिंक कॉफी यह सब मैंने छोड़ा'
2019 में मैं जब अहमदाबाद योग का कोर्स करने गयी थी, तब मुझे साधना करते-करते कुछ चीजों की अनुभूति हुई, बहुत कुछ सीखा, बहुत कुछ छोड़ भी, कोल्ड ड्रिंक कॉफी यह सब मैंने छोड़ा, हर इंसान को सुकून की तलाश है, आप पैसा चाहे जितना भी कमा लो, लेकिन सुकून नहीं है और वह सुकून अध्यात्म है।
'साधना करना मंदिर करना भजन कीर्तन करना, यही मेरी जीवन शैली'
बातचीत में हर्ष ने बताया कि मैं एमपी की रहने वाली हूं, घर में मम्मी पापा भाई हैं, मैं एक ब्राह्मण फैमिली से बिलॉन्ग करती हूं, मैं मध्य प्रदेश से जरूर बिलॉन्ग करती हूं, लेकिन मैं वहां नहीं रहती हूं, मैं उत्तराखंड में रहती हूं, उत्तराखंड में रहना साधना करना मंदिर करना भजन कीर्तन करना, यही मेरी जीवन शैली है, मैंने ग्रेजुएशन किया हुआ है.....कहा- हिंदू राष्ट्र बनने में कोई बुराई नहीं है, हिंदू धर्म सनातन धर्म इस ब्रह्मांड की सबसे पुरानी संस्कृति है।
