उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में योगी (Yogi) सरकार लगातार माफियाओं को मिट्टी में मिला रही है। वहीं सीधा संदेश दे रही है कि मान जाओ या मिट्टी में मिल जाओ। अतीक अशरफ शूटआउट (Atique-Ashraf Shootout) के बाद अब अंसारी ब्रदर्स के गुनाहों का हिसाब जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को गाजीपुर (Ghazipur) की MP-MLA कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को 10 साल की सजा के साथ 5 लाख रु का जुर्माना लगाया है।
वहीं उसके भाई अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) को 4 साल की सजा के साथ 1 लाख जुर्माना लगा है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि 22 नवंबर, 2007 को गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद कोतवाली में गैंगस्टर चार्ट में सांसद अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी को शामिल करते हुए गैंगस्टर अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
उन्होंने बताया कि 23 सितंबर, 2022 को दोनों के खिलाफ आरोप तय किए गए और अभियोजन पक्ष की गवाही पूरी हुई।अधिवक्ता के मुताबिक, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। उन्होंने बताया कि शनिवार को अदालत ने मामले में मुख्तार अंसारी को दस साल कैद और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
बेटे अब्बास अंसारी विधायक चुने गए
गौरतलब है कि अफजाल अंसारी गाजीपुर संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सांसद हैं। वहीं, मुख्तार अंसारी पड़ोसी जिले मऊ की मऊ सदर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं।मुख्तार अंसारी ने 2022 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था और उनकी सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से किस्मत आजमा रहे उनके बेटे अब्बास अंसारी विधायक चुने गए।
मुख्तार की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी
मुख्तार अंसारी इस समय आपराधिक मामलों में बांदा की एक जेल में बंद हैं। मुख्तार की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई थी। हालांकि अफजाल अंसारी अदालत में पेश हुए थे और सजा सुनाये जाने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी हितेंद्र कृष्ण ने बताया कि अफजाल अंसारी को अदालत के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है।
